नेपाल में 'जल प्रलय' के बीच मददगार बना भारत, वायुसेना ने भेजी 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप

पड़ोसी देश नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से मची भारी तबाही के बाद भारत ने तुरंत सहायता पहुंचाई है। भारतीय वायुसेना को अलर्ट पर रखते हुए 37.5 टन की दूसरी राहत सामग्री (दवाएं, राशन व HADR सामग्री) नेपाल सौंपी गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का भरोसा दिया।

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ और भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। संकट की इस गंभीर घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी धर्म को निभाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल के रसुवा जिले और आसपास के इलाकों में बिगड़े हालात से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के परिवहन विमानों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

India Nepal Flood Assistance

नेपाल में 'जल प्रलय' के बीच भारत बना मसीहा (फोटो: X/@MEAIndia)

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत सामग्री की 37.5 टन की दूसरी खेप नेपाल प्रशासन को सौंप दी गई है। इसमें आपातकालीन दवाएं, खाद्य पैकेट और मानवीय सहायता सामग्री (HADR) शामिल है। इससे पहले बुधवार को भी भारत ने 10 टन जरूरी राहत सामग्री भेजी थी। संकट के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर जान-माल के भारी नुकसान पर गहरा दुख जताया। पीएम मोदी ने नेपाल को पूरा भरोसा दिलाया कि भारत इस कठिन समय में अपने पड़ोसी देश के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

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