रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अमेरिका एक प्रस्ताव लेकर आया, जिससे भारत और चीन समेत चार मुल्कों ने दूरी बना ली। इन चारों देशों ने इस प्रस्ताव पर वोट नहीं किया, जबकि 10 राष्ट्रों ने पक्ष में वोट दिया। वहीं, रूस ने वीटो के जरिए इस प्रपोजल को खारिज कर दिया।
यूएन के लिए भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने शुक्रवार (30 सितंबर, 2022) को कहा, "यूक्रेन में हाल-फिलहाल में जो कुछ भी हुआ, भारत उससे गहरे तौरे पर प्रभावित हुआ। उन्होंने इसके साथ ही जोर दिया कि किसी भी प्रकार के अंतर और विवाद को हल करने के लिए संवाद ही इकलौता हल है।"
India abstains from a resolution condemning referendums in Ukraine at United Nations Security Council (UNSC) t.co/Sqt0I342nB
— ANI (@ANI) Sep 30, 2022
दरअसल, यूक्रेन के कुछ इलाकों को रूस की ओर से कब्जा किए जाने और उसके अपने देश में मिलाने को लेकर यूएस के साथ कई पश्चिमी देश रूस से बेहद खफा है।
#Ukraine के हिस्सों को मिलाने पर #UNSC में #Russia के खिलाफ पेश हुआ निंदा प्रस्ताव, भारत ने वोटिंग से बनाई दूरी… t.co/Mlt4IdypCP
— ANI (@ANI) Oct 1, 2022
#WATCH | India is deeply disturbed by the recent turn of developments in Ukraine. We've always advocated that no so… t.co/LeVPDYprnQ
— ANI (@ANI) Sep 30, 2022
वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के हिस्सों (चार क्षेत्रों- डोनेत्स्क,लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया) को रूस में ‘‘अवैध तरीके से शामिल करने’’ से जुड़ी संधियों पर शुक्रवार को साइन किए, जिसके बाद सात महीने से जारी युद्ध में तनाव और बढ़ गया। पुतिन बोले कि नए शामिल किए गए इलाकों की “उपलब्ध साधनों” का इस्तेमाल कर रक्षा की जाएगी।
उन्होंने यूक्रेन से शांति वार्ता के लिए बैठने का आग्रह किया पर तत्काल ही आगाह किया कि रूस में शामिल किए गए यूक्रेनी इलाकों को वापस किए जाने पर वह चर्चा नहीं करेंगे। इसके साथ ही सात महीनों से दोनों देशों के बीच चल रही जंग के तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
उधर, पुतिन ने दूसरे विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में अमेरिका के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल और फिर पश्चिमी देशों के सदियों के 'उपनिवेशवाद', 'गुलाम व्यापार' और 'भारत में लूट' के पश्चिमी रिकॉर्ड पर निशाना साधा। रूसी संघ में चार पूर्व यूक्रेनी क्षेत्रों को शामिल करने पर संधियों पर हस्ताक्षर करने के बाद अपने भाषण में उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
अमेरिका पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह दुनिया का एकमात्र देश है जिसने दो बार परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया है, जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों को नष्ट किया है। उन्होंने कहा, "आज भी, उन्होंने वास्तव में जर्मनी, जापान, कोरिया गणराज्य और अन्य देशों पर कब्जा करके रखा है, और साथ ही उन्हें समान रूप से सहयोगी कहते हैं।"
वह आगे बोले, "पश्चिम .. ने मध्य युग में अपनी औपनिवेशिक नीति शुरू की, और फिर दास व्यापार, अमेरिका में भारतीय जनजातियों के नरसंहार, भारत में लूट, अफ्रीका की लूट, चीन के खिलाफ इंग्लैंड और फ्रांस के युद्धों में साथ दिया।"
