India US Ties: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर ने गुरुवार को भारत को एक अहम साझेदार बताया है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ अहम साझेदारी में वह अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के अगले राजदूत हो सकते हैं, राष्ट्रपति ट्रंप ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा है और जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है। अगर उनकी नियुक्ति की पुष्टि होती है तो वह भारत में सबसे कम उम्र के अमेरिकी राजदूत होंगे।
ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर (फोटो साभार: @SergioGor)
टैरिफ पर भी खूब बोले सर्जियो गोर
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, सर्जियो गोर ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि टैरिफ के मामले में नई दिल्ली और अमेरिका के बीच बहुत ज्यादा मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगले कुछ हफ़्तों में यह मामला सुलझ जाएगा।
भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में ट्रम्प द्वारा नामित सर्जियो गोर ने कहा कि भारत दुनिया में अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक है। सनद रहे कि पिछले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह राष्ट्रपति कार्यालय के कार्मिक निदेशक गोर को भारत में अगला अमेरिकी राजदूत तथा दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त कर रहे हैं। नियुक्ति की पुष्टि होने पर गोर (38) भारत में सबसे कम उम्र के अमेरिकी राजदूत होंगे।
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि आज भारत अमेरिका के दुनिया में शीर्ष संबंधों वाले देशों में से एक है और अमेरिका भारत के साथ इस संबंध में "असाधारण बदलाव" के दौर से गुजर रहा है। रुबियो ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष भारत में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर के नाम की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान उनका परिचय दिया।
रुबियो ने कहा कि वह गोर को काफी लंबे समय से जानते हैं और उन्हें जिस देश के लिए नामित किया गया है, ‘‘मैं कहूंगा कि वह आज अमेरिका के दुनिया में शीर्ष संबंधों वाले देशों में से एक है।
'ट्रंप की ओर से बोलेंगे गोर'
सीनेटर बिल हेगर्टी ने भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के नामांकन पर कहा कि भारत के साथ हमारे संबंध अब पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस समय, हमें भारत में किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसका राष्ट्रपति ट्रंप से सीधा संपर्क हो। जब सर्जियो गोर बोलेंगे, तो नई दिल्ली को पता चल जाएगा कि वे राष्ट्रपति की ओर से बोल रहे हैं।
