'एक पल में आई बाढ़ ने मेरी बहनों को छीन लिया', नेपाल के 16 साल के बाढ़ पीड़ित समीर की आपबीती

यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार, इस त्रासदी से करीब 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं। नेपाल के शिक्षा मंत्रालय की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 250 छात्र और शिक्षक लापता या संपर्क से बाहर हैं।

Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा (Rasuwa) और नुवाकोट (Nuwakot) जिलों में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है। इस आपदा ने 1,300 से अधिक लोगों की जान ले ली है, जबकि लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। हजारों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है और वे बेघर होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार, इस त्रासदी से करीब 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं। नेपाल के शिक्षा मंत्रालय की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 250 छात्र और शिक्षक लापता या संपर्क से बाहर हैं।

Nepal flash flood

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समीर तमांग

रसुवा जिले के नीलकंठ सेकेंडरी स्कूल के छात्र समीर जब स्कूल पहुंचे, तो भोटेकोशी नदी (Bhotekoshi River) तबाही का रूप ले चुकी थी। समीर तमांग ने बताया, मेरी छोटी बहन के हाथ में चोट लगी थी, इसलिए वह स्कूल नहीं जा सकी। मेरी बड़ी बहन उसकी देखभाल के लिए घर पर ही रुक गई। घर पर मौजूद समीर की 13 वर्षीय बहन प्रिया और 7 वर्षीय बहन पार्वती तब से लापता हैं। बाढ़ में समीर का घर बह गया, पिता सूर्य किसी तरह जान बचाकर भागे, जबकि मां छेसांग कुवैत में काम करती हैं। लाहरेपौवा के शिवालाया बेसिक स्कूल में शरण लिए समीर ने रोते हुए कहा कि मेरी बहनें मेरी सबसे अच्छी दोस्त थीं, बाढ़ ने एक पल में उन्हें मुझसे छीन लिया।

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