Terror attacks on Chinese nationals in Pakistan: पाकिस्तान में हाल के महीनों में अपने नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमलों पर अब चीन ने तेवर कड़े कर लिए हैं। चीन ने पाकिस्तान से साफ-साफ कहा है कि नागरिकों पर हमले वह बर्दाश्त नहीं करेगा। बीते छह महीने में पाकिस्तान में चीन के नागरिकों पर दो आतंकवादी हमले हुए हैं और इन हमलों में चीनी नागरिकों की जान गई है। चीन के राजदूत जिआंग जैडोंग ने इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी नाखुशी जाहिर की। आतंकवादी हमलों पर चीन ने सार्विजनिक रूप से पहली बार पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया है।
आतंकी हमलों पर चीन ने पाकिस्तान को हड़काया।
उल्टा पड़ा इशाक डार का दांव
दरअसल, एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन और पाकिस्तान की 'भरोसे वाली दोस्ती' का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा चिंताएं रखने के बावजूद दुनिया में पाकिस्तान इकलौता मुल्क है, जहां चीन अपने नागरिकों को भेजने में संकोच नहीं करता लेकिन डार की यह बात उलटी पड़ गई। डार ने कहा कि सुरक्षा के मामले में चीन बहुत स्पष्ट है। निवेश चाहे जितना भी आकर्षक हो, अगर सुरक्षा का मसला है तो चीनी कभी भी अपने नागरिकों एवं कर्मियों को नहीं भेजेंगे लेकिन पाकिस्तान के साथ ऐसा नहीं है, उनका देश अपवाद है।'
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अपनी सीट से उठ खड़े हुए चीनी राजदूत
डार इस सप्ताह पाकिस्तान-चीन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। डार के इस बयान पर समारोह में मौजूद चीनी राजदूत जिआंग अपने सीट से उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा बहुत बड़ी है।' चीनी राजदूत ने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा कि उनके नागरिकों पर आतंकवादी हमले बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में निवेश को आगे बढ़ाने पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। चीनी राजदूत ने जोर देकर कहा कि चीनी नागरिकों पर आतंकवादी हमलों पर रोक लगाने के लिए पाकिस्तान की सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे।
पाकिस्तान ने बयान को 'परेशान' करने वाला बताया
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने गुरुवार को कहा कि चीनी के राजदूत का यहल बयान 'परेशान' करने वाला है। यह द्विपक्षीय संबंधों को आगे और मजबूत बनाने वाले कूटनीतिक मानकों के विपरीत है। गौर करने वाली बात है कि अपने नागरिकों पर होने वाले आतंकी हमलों के लिए चीन खुले तौर पर पाकिस्तान की आलोचना करने से बचता आया है लेकिन राजदूत का यह बयान चीन की रणनीति में बदलाव का संकेत देता है।
