Drone Attack: लाल सागर में एक और जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया है। अमेरिका की ओर से दावा किया गया है कि इस जहाज पर भारत का झंडा लगा था। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार को लाल सागर में तेल ले जा रहे एक और जहाज को अपना निशाना बनाया, जिसके बाद क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोत ने खतरे का सिग्नल भेजा था।
लाल सागर में भारतीय जहाज पर ड्रोन से हमला
यह खबर ऐसे समय पर आई है, जब शनिवार को सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे एक मर्चेंट शिप पर भी ड्रोन से हमला हुआ था। यह घटना अरब सागर में हुई, जिसके बाद शिप पर आग लग गई। इस शिप पर चालक दल के 21 भारतीय सदस्य सवार था। सभी सुरक्षित हैं। पेंटागन ने दावा किया गया है कि अरब सागर में शिप पर हुए हमले में 'ईरानी ड्रोन' शामिल था।
घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
अमेरिका की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, गैबॉन का तेल ट्रैंकर ड्रोन के निशाने पर आ गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अमेरिकी सेना ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने नार्वे के झंडे वाले केमिकल टैंकर एमवी ब्लामानेन को निशाना बनाया था, हालांकि वह हमले से चूक गया और ड्रोन की जद में भारत का झंडा लगा एमवी साईबाबा आ गया।
लाल सागर में बढ़ रहा हमले का खतरा
बता दें, इजराइल-हमास जंग के बाद से लाल सागर में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। लाल सागर में यमन इजराइली पोत के अपहरण करने के साथ अमेरिका, फ्रांस और भारत समेत कई युद्धपोतों को निशाना बना चुका है। इस क्षेत्र में हूती विद्रोही भी सक्रिय हैं। ऐसे में भारतीय सेना इस पर बरीकी से नजर रख रही है। दूसरी तरह अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक युद्धपोत को हूतियों और यमन के विद्रोहियों के खिलात लाल सागर में उतार दिया है।
