ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शनिवार को दावा किया कि यमन की राजधानी सना में इजराइल द्वारा किए गए एक हवाई हमले में उनके द्वारा नियंत्रित सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई है। इस हमले में सरकार के कई अन्य मंत्री भी मारे गए हैं। यह घटना यमन में पहले से ही जटिल और अस्थिर हालातों के बीच एक नया भू-राजनीतिक संकट खड़ा कर सकती है।
इजरायली हवाई हमले में हूती विद्रोही प्रधानमंत्री की मौत (फोटो- AP)
कई मंत्री भी मारे गए
हूती समूह द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि गुरुवार को सना में हुए एक हवाई हमले में प्रधानमंत्री अल-रहावी और कई अन्य मंत्रियों की मौत हुई। यह हमला उस समय हुआ जब हूती-नियंत्रित सरकार के वरिष्ठ सदस्य एक वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन बैठक में हिस्सा ले रहे थे। हूती अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक उनकी सरकार की नीतियों और पिछले एक वर्ष के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।
गाजा में तबाही
इजराइल और हमास के बीच 22 महीने से जारी युद्ध में अबतक गाजा में 63,025 फलस्तीनी मारे गए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि गाजा शहर में इजराइल के विस्तारित आक्रमण की शुरुआत के साथ ही मृतकों की संख्या 63000 से अधिक हो गयी है। फलस्तीनियों को विस्थापन, विनाश और अकाल का भी सामना करना पड़ रहा है।न
