Hostage families thank Trump : हमास की कैद से बाकी बचे इजरायली बंधकों की रिहाई होने वाली है। इससे पीड़ित परिवार काफी खुश हैं। इनमें से कुछ पीड़ित परिवारों ने वाशिंगटन में अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड ल्यूटनिक से मुलाकात की। इसी दौरान इन परिवारों की फोन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात हुई। इस बातचीत में पीड़ित परिवारों ने बंधकों की रिहाई के लिए ट्रंप द्वारा किए गए प्रयासों की खूब सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
इजरायल-हमास के बीच सीजफायर का पहला चरण लागू। तस्वीर-ANI/AP
सोमवार तक वापस लौटेंगे सभी बंधक-ट्रंप
फोन के स्पीकर पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने कहा कि 'मिस्टर प्रेसिडेंट, हम आप पर विश्वास करते हैं। हमें पता है कि आपने हमारे लिए बहुत कुछ किया है..और हमें पता है कि अंतिम बंधकों की रिहाई तक आप अपने मिशन को पूरा करेंगे। अब सभी 48 बंधक अपने घर पहुंच जाएंगे।' पीड़ित परिवार के एक अन्य सदस्य ने कहा, 'आपको ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त हो, मिस्टर प्रेसिडेंट! अमेरिका फले-फूले!' पीड़ित परिवारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि सभी बंधक सोमवार तक वापस लौट रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने ट्रंप के इस बयान का स्वागत तालियों से किया।
गाजा से अपने सैनिकों को वापस बुलाएगा इजरायल
ट्रंप ने बुधवार को कहा कि इजरायल एवं हमास ने युद्ध रोकने और कम से कम कुछ बंधकों एवं कैदियों को रिहा करने की उनकी शांति योजना के ‘पहले चरण’ पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप ने दो साल से जारी युद्ध में महीनों में मिली सबसे बड़ी सफलता की रूपरेखा की घोषणा की। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इसका मतलब है कि सभी बंधकों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा और इजरायल अपने सैनिकों को एक तय सीमा तक वापस बुला लेगा। यह एक मजबूत, टिकाऊ और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम होगा।’ उन्होंने कहा, ‘सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा।’
सभी जीवित 20 बंधकों को रिहा करेगा हमास
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘ईश्वर की मदद से हम उन सभी को घर वापस लाएंगे।’ हमास ने कहा कि इस समझौते से इजराइली सैनिकों की वापसी सुनिश्चित होगी और साथ ही सहायता सामग्री का प्रवेश और बंधकों एवं कैदियों की अदला-बदली भी सुनिश्चित होगी। इस घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि हमास इस सप्ताह के अंत में सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा करने की योजना बना रहा है जबकि इजरायली सेना गाजा के अधिकतर हिस्से से वापसी शुरू कर देगी।
कई सवाल अब भी बने हुए हैं
हालांकि कई सवाल अब भी बने हुए हैं लेकिन दोनों पक्ष पिछले कई महीनों की तुलना में युद्ध को समाप्त करने के करीब पहुंच गए हैं। इस युद्ध में हजारों फलस्तीनियों की मौत हो गई है, गाजा का अधिकतर हिस्सा नष्ट हो गया है और इसने पश्चिम एशिया में अन्य सशस्त्र संघर्षों को जन्म दिया है। इस युद्ध को लेकर दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन हुए और इजरायल पर नरसंहार के व्यापक आरोप लगाए गए जिनका वह खंडन करता रहा है। इजरायल अलग-थलग पड़ गया है। प्रमुख पश्चिमी देशों द्वारा हाल में फलस्तीन को मान्यता देने के प्रयासों के बावजूद फलस्तीनियों का एक स्वतंत्र देश का सपना पहले से कहीं अधिक दूर दिखाई देता है।
