Bangladesh Violence: बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबर रहमान के ढाका स्थित आवास पर गुरुवार को बुलडोजर चला। इससे एक दिन पहले बंगबंधु के आवास पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की थी। यह तोड़फोड़ उस वक्त हुई जब अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोशल मीडिया के जरिये लोगों को संबोधित कर वर्तमान शासन के खिलाफ संगठित प्रतिरोध करने का आह्वान किया।
बांग्लादेश के अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना
बुलडोजर जुलूस
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि राजधानी के धानमंडी इलाके में स्थित घर के सामने हजारों लोग शाम से ही एकत्र हो गए थे। इस घर को पहले एक स्मारक संग्रहालय में बदल दिया गया था। सोशल मीडिया पर "बुलडोजर जुलूस" का आह्वान किया गया था, क्योंकि हसीना स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे अपना संबोधन देने वाली थीं।
शेख हसीना ने क्या कुछ कहा?
शेख हसीना का संबोधन आवामी लीग की अब भंग हो चुकी छात्र शाखा 'छात्र लीग' द्वारा आयोजित किया गया था। शेख हसीना ने स्पष्ट रूप से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा, "उनके पास अभी भी इतनी ताकत नहीं है कि वे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और उस स्वतंत्रता को बुलडोजर से नष्ट कर सकें, जिसे हमने लाखों शहीदों के जीवन की कीमत पर अर्जित किया है।"
उन्होंने कहा कि वे इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं... लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।
हसीना का छलका दर्द
शेख हसीना ने कहा कि अगर अल्लाह ने मुझे इन सभी हमलों के दौरान जीवित रखा है तो मेरे लिए कुछ काम बचे होंगे। अन्यथा, मैं इतनी बार मौत से कैसे बच सकती थी। उन्होंने वर्तमान शासन पर प्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि हालिया आंदोलन उन्हें और उनके परिवार को खत्म करने के लिए आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस बार मोहम्मद यूनुस की योजना मुझे और मेरी बहन को मारने की थी। शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने उनके (मोहम्मद यूनुस) के ग्रामीण बैंक और उसके कार्यक्रमों को 400 करोड़ बांग्लादेशी टका के वित्तपोषण से मदद की थी, लेकिन पूरी रकम लूट ली गई। बांग्लादेश एक व्यक्ति की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण कष्ट झेल रहा है।
