नेपाल में हो रही भारी बारिश ने लोगों का जनजीन अस्त व्यस्त कर दिया है। वहीं, भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, इलाम जिले के सूर्यदय नगरपालिका के मानेभंज्यांग क्षेत्र में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि पाटेगांव, मान्सेबुंग, डेउमा, धुसुनी, रातमाटे और घोषांग क्षेत्रों में नौ अन्य लोगों की जान गई।
नेपाल में भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन में 18 लोगों की मौत।(फोटो सोर्स: ANI)
नेपाल के इन प्रांतों में मानसून सक्रिय
नेपाल सेना ने बचाव कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजा है और प्रभावित इलाकों में सेना को तैनात किया गया है। हालांकि, खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। नेपाल के सात प्रांतों में से पांच में मानसून सक्रिय है। जिनमें कोशी, मधेशी, बागमती, गंडकी और लुम्बिनी शामिल हैं। इन इलाकों में शनिवार से लगातार भारी बारिश हो रही है। कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
काठमांडू घाटी में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध
नेपाली अधिकारियों ने लगातार बारिश और अगले तीन दिन तक भूस्खलन की आशंका के कारण शनिवार को काठमांडू में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक नोटिस जारी कर कहा कि शनिवार से सोमवार तक काठमांडू घाटी में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अगले तीन दिन तक लंबी दूरी के वाहन न चलाने को कहा है जब तक कि कोई आपात स्थिति न हो।
घरेलू उड़ानें रोक दी गई
बागमती और पूर्वी राप्ती नदियों के आसपास के क्षेत्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के सक्रिय हो जाने के कारण शुक्रवार रात से काठमांडू और देश के अन्य भागों में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच, खराब मौसम के कारण त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (टीआईए) से घरेलू उड़ानें रोक दी गई हैं।
टीआईए, काठमांडू के महाप्रबंधक हंसा राज पांडे ने कहा कि काठमांडू, भरतपुर, जनकपुर, भद्रपुर, पोखरा और तुमलिंगतार से घरेलू उड़ानों पर अगली सूचना तक रोक लगा दी गई है। देश के पांच प्रांतों, कोशी, मधेशी, बागमती, गंडकी और लुम्बिनी में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अनुमान है।
भारी बारिश के कारण काठमांडू को तिब्बत से जोड़ने वाले अरानिको राजमार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की लगातार घटनाओं के कारण पृथ्वी राजमार्ग, सिद्धार्थ राजमार्ग, बी.पी. राजमार्ग और अरानिको राजमार्ग पर वाहन चलाना विशेष रूप से जोखिम भरा है।
