Israel Hamas Conflict: इजराइल-हमास संघर्ष के बीच अमेरिका, रूस और चीन जैसी प्रमुख विश्व शक्तियों के दखल की संभावना को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। मेल ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, लंदन के रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (आरयूएसआई) के एक प्रमुख सैन्य विशेषज्ञ प्रोफेसर जस्टिन ब्रोंक ने इस संबंध में चेताया है। बता दें कि 7 अक्तूबर को इजरायल पर हमास के अब तक के सबसे घातक और वीभत्स हमले में करीब 1400 लोगों की जान ले ली। इसके बाद से ही इजरायल लगातार गाजा पर जवाबी हमला करर हा है।
ईरान के कूदने पर गहराएगा संकट
प्रोफेसर ब्रोंक ने इस बात पर जोर दिया है कि अगर ईरान गाजा पर हमले को लेकर इजराइल पर हमला करता है, तो इससे नया घटनाक्रम शुरू हो सकता है जो रूस और चीन को हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने बताया कि ईरान, लेबनान में अपने हिजबुल्लाह सहयोगियों के साथ संघर्ष में एक नया मोर्चा खोल सकता है। अमेरिका ने पहले ही हिजबुल्लाह और ईरान को चेतावनी जारी कर युद्ध से दूर रहने को कहा है।
रूस और चीन अब तक शांत
अब तक रूस और चीन ने इजराइल-हमास संघर्ष में सार्वजनिक बयानों को लेकर संयम दिखाया है। हालांकि, अगर ईरान सीधे तौर पर संघर्ष में शामिल होता है, तो दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को देखते हुए रूस उसका समर्थन करने को मजबूर होगा। इस क्षेत्र में स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है। इजराइल ने दक्षिणी गाजा में हवाई हमले जारी रखा है और जमीनी हमले से पहले फिलिस्तीनियों को वहां से हटने का अल्टीमेटम दिया है। उसके हवाई हमलों में अब तक करीब 3 हजार लोगों की जान चली गई है।
लेबनान-इजराइल सीमा पर हालात गंभीर
इसके अलावा, लेबनान के साथ इजराइल की सीमा पर हिंसा ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की चिंताओं को जन्म दिया है। तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है। विशेष रूप से इतिहासकार नियाल फर्ग्यूसन ने मौजूदा घटनाओं की ओर ध्यान दिलाया किया है और 1930 के दशक की अशांत दौर के साथ समानताएं बताई हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या यह संकट अधिक व्यापक वैश्विक संघर्ष का कारण बन सकता है। जैसे-जैसे इजराइल-हमास संघर्ष बढ़ता जा रहा है, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय खतरे में बना हुआ है, जिसमें प्रमुख विश्व शक्तियों के बीच ही संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है।
