Israel Hamas War: हमास और इजराइल के बीच छिड़ी जंग में अभी तक अमेरिका की भूमिका मिडिल ईस्ट के बड़े देशों को रोक कर रखना था, लेकिन अब स्थिति बहुत ही नाजुक मोड़ पर पहुंचती जा रही है। जैसे-जैसे इजराइल हमलावर हो रहा है, जंग की आंच दूसरे देशों तक भी पहुंचती जा रही है। इस बीच अमेरिकी शीर्ष अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इजराइल और हमास के बीच जारी जंग पूरे मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष में तब्दील हो सकती है।
इजराइल-हमास संघर्ष
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह इजराइल पर उत्तर से हमला कर सकता है और ईरान भी इसमें शामिल हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह जंग निश्चित तौर पर नाजुक मोड़ पर चली जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों की यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है, जब मिस्र भी गाजा के साथ अपनी राफा सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है।
अमेरिका ने भी भेजे टैंक
इस बीच समाने आईं रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने अन्य देशों को इस संघर्ष से दूर रखने और बल प्रदर्शन के लिए उत्तर की तरफ युद्धपोतों का एक बड़ा बेड़ा रवाना कर दिया है। अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने युद्धपोतों की तैनाती की घोषणा कर दी है। इसके पीछे उन्होंने इसके पीछे इस युद्ध को बढ़ाने की कोशिश करने वालो किसी भी राज्य या गैर-राज्य तत्वों को रोकने की दिशा में कदम बताया है।
ईरान ने दी जंग में शामिल होने की चेतावनी
इस बीच ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुलाहियन ने कहा है कि अगर गाजा में इजराइल का अत्याचार बंद नहीं हुआ तो ईरान केवल मूकदर्शन बना नहीं रह सकता, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनका देश कार्रवाई कर सकता है और युद्ध का दायरा बढ़ा तो अमेरिका को भी नुकसान हो सकता है।
राफा पर मिस्र ने बढ़ाए सैनिक
दूसरी तरफ मिस्र गाजा के साथ अपनी राफा सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है। आशंका है कि इजरायल हजारों फिलिस्तीनी शरणार्थियों को सीमा पार से सिनाई रेगिस्तान में भेजना चाहता है। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, काहिरा ने कहा है कि इतने सारे फिलिस्तीनियों को उनके घरों से निकालना अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा और मिस्र के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम होगा, जिससे देश की बीमार अर्थव्यवस्था दिवालिया हो सकती है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने कहा है कि गाजा में फिलिस्तीनियों को डटे रहना चाहिए और अपनी जमीन पर बने रहना चाहिए। तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फ़िदान ने कहा कि वह मिस्र के साथ पूरी तरह सहमत हैं।
