Iran Tension: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच बुधवार देर शाम फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ईरान में तेजी से बदलती स्थिति पर चर्चा की।
जयशंकर ने ईरान के सैयद अब्बास अराघची से की बात (फाइल फोटो साभार: @IRIMFA_EN)
इस बातचीत की जानकारी विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की उभरती स्थिति पर चर्चा की।”
भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत सरकार ने ईरान में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए एक और यात्रा परामर्श (एडवाइजरी) जारी की है। सरकारी एडवाइजरी में कहा गया है, “ईरान में जारी हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की यात्रा से सख्ती से बचने की सलाह दी जाती है।”
इससे पहले 5 जनवरी को भी भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से सतर्क रहने को कहा है। एडवाइजरी में कहा गया है कि वे प्रदर्शन और विरोध स्थलों से दूर रहें, स्थानीय हालात पर नजर बनाए रखें और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया हैंडल्स को नियमित रूप से फॉलो करें।
'तुरंत ईरान छोड़ दें भारतीय'
साथ ही, ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीयों को दूतावास में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी गई है, यदि उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है। बता दें कि ईरान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें कई लोगों की मौत की खबर है। इससे न केवल देश के भीतर बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, अमेरिका ने अपने नागरिकों को “तुरंत ईरान छोड़ने” की सलाह दी है। अमेरिकी प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि वे आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते ईरान से निकलने पर विचार करें।
ईरान में स्थित अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी द्वारा जारी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि देशभर में प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और ये हिंसक रूप ले सकते हैं। इसके चलते गिरफ्तारी, चोट, सुरक्षा सख्ती, सड़कों के बंद होने, सार्वजनिक परिवहन में बाधा और इंटरनेट सेवाओं पर रोक जैसी स्थितियां बनी हुई हैं।
अलर्ट में यह भी बताया गया है कि कई एयरलाइंस ने ईरान आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर दिया है और कुछ ने 16 जनवरी तक सेवाएं निलंबित कर रखी हैं। कुल मिलाकर, ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
