पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादी गतिविधियों में एक बार फिर तेजी देखी गई है। शनिवार को बन्नू जिले के मीरयान पुलिस थाने को ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिसमें आतंकवादियों ने विस्फोटक गिराए। हालांकि, इस हमले में किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई और न ही भवन को कोई नुकसान पहुंचा। पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
पाकिस्तान में पुलिस स्टेशन पर ड्रोन से हमला (प्रतीकात्मक फोटो-Meta AI)
पांचवां ड्रोन हमला
यह घटना पिछले एक महीने में मीरयान थाने पर हुआ पांचवां ड्रोन हमला है। पुलिस का कहना है कि ड्रोन को मार गिराने की कोशिश की गई, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के हमले यह दर्शाते हैं कि आतंकवादी अब “उन्नत क्वाडकॉप्टर प्रौद्योगिकी” का इस्तेमाल कर रहे हैं और अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रहे हमले और खतरे
खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा की चुनौती दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। मीरयान के अलावा शुक्रवार देर रात लक्की मरवत जिले के सेराई गंबीला पुलिस थाने पर भी आतंकियों ने हमला किया था। करीब एक दर्जन सशस्त्र आतंकवादियों ने थाने को चारों तरफ से घेर लिया और हल्के व भारी हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी। लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई के चलते आतंकी भागने पर मजबूर हो गए। इस हमले में भी कोई जनहानि नहीं हुई। यह थाना पेशावर-कराची राजमार्ग पर गंबीला नदी के किनारे स्थित है और पूर्व में भी कई बार आतंकी हमलों का शिकार बन चुका है।
ड्रोन हमलों में टीटीपी की भूमिका
पिछले एक वर्ष में खैबर पख्तूनख्वा में ड्रोन के माध्यम से विस्फोटक गिराने की घटनाएं बढ़ गई हैं। पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों ने इन हमलों के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का हाथ होने की आशंका जताई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन हमलों की यह श्रृंखला पाकिस्तान के लिए एक नई तरह की सुरक्षा चुनौती पेश कर रही है, जिससे निपटने के लिए अत्याधुनिक निगरानी और रक्षा प्रणालियों की आवश्यकता है।
