Iran US Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर पहुंचती है, तो वे समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा कर सकते हैं।
ट्रंप ने ईरान शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान जाने के दिए संकेत ( फाइल फोटो)
"वे चाहते हैं कि मैं पाकिस्तान आऊं"
व्हाइट हाउस से लास वेगास रवाना होने के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हां, मैं पाकिस्तान जाऊंगा। अगर डील इस्लामाबाद में साइन होती है, तो मैं जा सकता हूं। वे (पाकिस्तान) चाहते हैं कि मैं वहां आऊं।" ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने में पाकिस्तान की मध्यस्थता की जमकर तारीफ की और कहा कि पाकिस्तान ने अब तक शानदार काम किया है।
सस्ता तेल और कम महंगाई का दावा
ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने कहा, "अभी बहुत सफल बातचीत चल रही है। अगर यह सफल रही तो जल्द ही इसका ऐलान होगा। इससे हमें मुफ्त तेल (सस्ते तेल की उपलब्धता) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अबाध आवाजाही मिलेगी। तेल की कीमतें पहले से भी कम हो जाएंगी।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके कूटनीतिक प्रयासों की वजह से पिछले तीन-चार दिनों में गैस की कीमतों में गिरावट आई है।
ईरान से बेहतर संबंधों की उम्मीद
एक और बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि "सबसे बड़ी बात जो हमें करनी है, वह यह पक्का करना है कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन न हो, क्योंकि अगर उनके पास है, तो आप प्रॉब्लम के बारे में बात करना चाहेंगे, आपको प्रॉब्लम होंगी। यह बहुत जरूरी है कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन न हो और वे इस पर राजी हो गए हैं। ईरान इस पर राजी हो गया है और वे इस पर बहुत जोरदार तरीके से राजी हुए हैं। वे हमें वह न्यूक्लियर डस्ट वापस करने पर मान गए हैं जो B-2 बॉम्बर से किए गए हमारे हमले की वजह से जमीन के नीचे दबी हुई है। ईरान के साथ हमारे बहुत सारे एग्रीमेंट हैं और मुझे लगता है कि कुछ बहुत पॉजिटिव होने वाला है"
पाकिस्तान के आर्मी चीफ की तेहरान में बैठक
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर तेहरान के दौरे पर हैं। गुरुवार को जनरल मुनीर ने ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत को दोबारा पटरी पर लाने के लिए 'बैक-चैनल' मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
अड़चनें और उम्मीदें
हालांकि, बातचीत में अभी भी कुछ पेंच फंसे हुए हैं। यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को फ्रीज करने की समयसीमा और ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक का प्रबंधन प्रमुख चुनौतियां हैं। जनरल मुनीर जल्द ही इस मध्यस्थता के सिलसिले में वॉशिंगटन का रुख भी कर सकते हैं।
