अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर नए संघीय टास्क फोर्स का प्रमुख नियुक्त किया। ट्रंप ने इस पहल को 'सुपर इंटेलिजेंस फोर्स'नाम दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका को AI के क्षेत्र में वैश्विक बढ़त बनाए रखनी होगी।
जे क्लेटन को ट्रंप ने बनाया AI टास्क फोर्स का प्रमुख।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब पिछले सप्ताह ट्रंप ने व्हाइट हाउस में AI कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि कंपनियों ने AI के विकास को लेकर एक स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि नया टास्क फोर्स यह सुनिश्चित करने के लिए संघीय प्रयासों में तालमेल करेगा कि अमेरिका “सुपर इंटेलिजेंस” के क्षेत्र में दुनिया में अपना नेतृत्व बनाए रखे। उन्होंने AI को औद्योगिक क्रांति और इंटरनेट से भी बड़ा बदलाव बताया।
AI कंपनियों से लेकर धार्मिक संगठनों तक से होगा संपर्क
ट्रंप ने कहा कि ये टास्क फोर्स AI से जुड़े मुद्दों पर उपभोक्ताओं,सार्वजनिक हित समूहों, धार्मिक संगठनों,महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों और AI कंपनियों से संपर्क करेगी। इसका मकसद AI तकनीक के विकास और इसके इस्तेमाल से जुड़े संघीय प्रयासों को एक साथ लाना बताया गया है।टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल?
टास्क फोर्स में कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी शामिल किए गए हैं। इनमें-
- जे क्लेटन- राष्ट्रीय खुफिया निदेशक और टास्क फोर्स के प्रमुख
- एंड्रयू फर्ग्यूसन- फेडरल ट्रेड कमीशन के अध्यक्ष
- एमिल माइकल- पेंटागन के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी
- स्कॉट कुपोर- ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट के निदेशक
AI पर अमेरिकी सरकार का बढ़ता फोकस
नए टास्क फोर्स के गठन से संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन AI को अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व और राष्ट्रीय हित से जुड़े प्रमुख मुद्दे के रूप में देख रहा है। सरकार अब AI कंपनियों, उपभोक्ताओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।
