US Strike on Iran Nuclear Plants: ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी बमबारी के बाद मध्य पूर्व में संकट और गहरा गया है। ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई तनाव और संघर्षो को और तीव्र कर सकता है। ईरान ने कहा है कि वह इन हमलों का जवाब देगा। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई ने अपने तीन परमाणु संयंत्रों पर हुए हमले की निंदा की है और अमेरिका और इजरायल दोनों को कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। खामनेई ने कहा कि इन हमलों के लिए दुश्मन को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ‘हद पार कर दी है।’ ईरान के परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमले के बाद 5 बड़े अपडेट्स इस प्रकार हैं-
ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी की बमबारी।
ट्रंप ने ईरान में ‘रिजीम चेंज’ का दिया संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान के खिलाफ प्रमुख सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के हमलों के बाद, वहां 'शासन परिवर्तन' की संभावना जताई जबकि उनकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान को प्रतिशोध से दूर रहने की चेतावनी दी।ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा,"‘रिजीम चेंज’ शब्द का इस्तेमाल करना राजनीतिक रूप से सही नहीं माना जाता, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ नहीं कर सकता, तो शासन परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए?'
उकसावे के लिए गंभीर सजा दी जाएगी-खामनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को कड़े और निर्णायक जवाब की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को उनके उकसावे के लिए गंभीर सजा दी जाएगी। ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका द्वारा तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया X (पूर्व ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने लिखा, 'सजा जारी है। यहूदी जायोनिस्ट दुश्मन ने बड़ी गलती की है, एक बड़ा अपराध किया है; उसे सज़ा मिलनी चाहिए और उसे सज़ा मिल रही है; अभी मिल रही है।'
इजरायली राजदूत ने कहा-ट्रंप को धन्यवाद देना चाहिए
इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि पूरी दुनिया को ट्रंप का धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने ईरान पर हमला किया, जिसे उन्होंने "मुलाक़ातों को एक नाटक बना देने वाला" बताया। ईरान के राजदूत आमिर सईद ईरवानी ने अमेरिकी हमले को "खुली आक्रामकता" बताया और कहा कि अमेरिका ने एक "बेतुके बहाने" के तहत हमला किया। चीन के राजदूत फू कांग ने कहा कि बीजिंग "अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा करता है"। रूस के राजदूत वासिली नेबेंज्या ने कहा कि अमेरिका ने "पेंडोरा का पिटारा खोल दिया है" और यह स्पष्ट है कि वॉशिंगटन "कूटनीति में दिलचस्पी नहीं रखता"। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका के हमले "एक पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में एक खतरनाक मोड़" हैं और उन्होंने "एक और विनाशकारी चक्र" को रोकने का आह्वान किया।
अमेरिका पर बेतुके बहाने के तहत युद्ध छेड़ने का आरोप
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने अमेरिका पर "एक मनगढ़ंत और बेतुके बहाने के तहत युद्ध छेड़ने" का आरोप लगाया। ईरान के प्रतिनिधि आमिर सईद ईरवानी ने कहा कि ईरान को "खुली अमेरिकी आक्रामकता" के खिलाफ "अपने बचाव का अधिकार" है, और साथ ही यह भी जोड़ा कि "ईरान की उचित प्रतिक्रिया का समय, स्वरूप और पैमाना उसके सशस्त्र बल तय करेंगे।" एक विस्तृत बयान में ईरवानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अमेरिका को "एक और महंगा और निराधार युद्ध" में खींचने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई "अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन" है।
दो हफ्ते का समय देकर ट्रंप ने ईरान को गुमराह किया
राष्ट्रपति ट्रंप कई दिनों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर थे, जब उन्होंने अपने वरिष्ठ सहायकों को एक निर्देश जारी किया: प्रेस को बताओ कि वह इस पर निर्णय अगले दो हफ्तों में लेंगे, ताकि उनके असली इरादे छुपे रहें। राष्ट्रपति इस बात से नाराज़ थे कि मीडिया में यह खबरें आ रही थीं कि उन्होंने पहले ही ईरान पर हमले का निर्णय ले लिया है। वह चाहते थे कि "दो हफ्तों का समय" ईरान को भ्रमित कर दे और उनकी योजना को गोपनीय बनाए रखे। ट्रंप ने गुरुवार को यह आदेश तब दिया जब वे अपने पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन के साथ लंच करने जा रहे थे, जो अमेरिका की सैन्य भागीदारी को लेकर सार्वजनिक रूप से संदेह जताते रहे हैं। इसके तुरंत बाद, उनकी प्रेस सचिव कैरोलीन लिविट व्हाइट हाउस के ब्रीफिंग रूम में आईं और राष्ट्रपति के निर्देश का पालन करते हुए दुनिया को यह संकेत दिया कि ट्रंप ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
