COVID-19 in China: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चाल भले ही भारत में फिलहाल सुस्त पड़ गई हो, मगर इससे आपको ढिलाई नहीं बरतनी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कातिल कोरोना अपना रफ्तार में कमबैक करते हुए वहीं कहर ढा सकता है, जहां से उसने दुनिया में दस्तक दी थी।
दरअसल, टॉप एपिडेमियोलॉजिस्ट (महामारीविद्) और हेल्थ इकनॉमिस्ट एरिक-फीगल डिंग ने आशंका जताते हुए आगाह किया है और कहा है कि चीन की 60 फीसदी आबादी को कोरोना संक्रमण हो सकता है। बकौल डिंग, "चीन की 60 प्रतिशत आबादी और दुनिया की 10 फीसदी जनसंख्या अगले तीन महीने में संक्रमित हो सकती, जिसमें लाखों लोगों की मौतें भी हो सकती हैं।"
⚠️THERMONUCLEAR BAD—Hospitals completely overwhelmed in China ever since restrictions dropped. Epidemiologist estim… t.co/2j8jlTPYi6
— ANI (@ANI) Dec 19, 2022
उन्होंने टि्वटर पर सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को एक वीडियो भी शेयर किया, जो किसी अस्पताल का था। 21 सेकेंड्स की इस क्लिप में अस्पताल का आईसीयू मरीजों से ठसाठस भरा था। पर्याप्त बेड नहीं थे, लिहाजा कुछ मरीजों को बेड के बीच बची जगह में नीचे जमीन पर शिफ्ट कर के दवा, ऑक्सीजन और अन्य चीजें मुहैया कराई जा रही थीं। उन्होंने इस दौरान चेताते हुए बताया था कि यह तो बस शुरुआत है! सिलसिलेवार ट्वीट्स में डिंग में यह भी बताया कि वुहान ने तीन साल पहले हमें सबक दिया था। 2022-23 में आने वाली लहर छोटी नहीं होगी।
2) Summary of #CCP's current #COVID goal: “Let whoever needs to be infected infected, let whoever needs to die die.… t.co/374t5W8Uqr
— ANI (@ANI) Dec 19, 2022
हाल ही में चीनी सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए थे। ये बीजिंग और कुछ अन्य शहरों के बताए गए थे। इन क्लिप्स में क्लीनिक में मरीजों की भारी भीड़ नजर आई। साथ ही फुटपाथ तक मरीजों की कतार लगी दिखी। लोग कड़ाके की ठंड में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। वीडियो में यह भी दिखाया गया कि कई लोग अपनी कारों में और क्लीनिक के बाहर पार्किंग में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
यही नहीं, तेज बुखार वाले लोग क्लीनिक के बाहर इंतजार कर रहे हैं। अधिकांश अपार्टमेंट ब्लॉक में ओमीक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोचक बात है इस वायरस की चपेट में आने से कोई भी बच नहीं पा रहा है। चाहे वे चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी हों, बीजिंग स्थित राजनयिक हों या पत्रकार।
