दिखने लगा समझौते का असर, चीन ने कहा- पूर्वी लद्दाख में सुचारू रूप से हो रही सैनिकों की वापसी

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने शुक्रवार को बीजिंग में पत्रकारों को बताया कि सीमा क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चीन और भारत के बीच हाल ही में हुए समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएं अपने-अपने जवानों की वापसी में जुटे हैं और यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

Disengagement in Eastern Ladakh: चीन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख से चीनी और भारतीय सैनिकों की वापसी सुचारू रूप से हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 23 अक्टूबर को रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन से इतर अपनी द्विपक्षीय बातचीत में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास से सैनिकों के पीछे हटने और गश्त को लेकर हुए समझौते का अनुमोदन किया था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने शुक्रवार को बीजिंग में पत्रकारों को बताया कि सीमा क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चीन और भारत के बीच हाल ही में हुए समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएं अपने-अपने जवानों की वापसी में जुटे हैं और यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

China India LAC

भारत-चीन समझौता

21 अक्टूबर को समझौते की हुई थी घोषणा

भारत ने टकराव वाले स्थानों से सैनिकों को वापस बुलाने को लेकर चीन से हुए समझौते की 21 अक्टूबर को घोषणा की थी और बीजिंग ने एक दिन बाद इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष प्रासंगिक मामलों के समाधान तक पहुंच गए हैं और वह (बीजिंग) इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए नयी दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। भारतीय सेना के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में डेमचोक और डेपसांग मैदानी क्षेत्रों में टकराव वाले दो बिंदुओं से सैनिकों की वापसी शुरू कर दी है और यह प्रक्रिया 28-29 अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है।

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