Chinese Hackers: चीन के बारे में आम धारणा है कि उसकी कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। चीन कब क्या करेगा इसके बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल है। बात अगर भारत की करें तो चीन के हुक्मरान बेहतर संबंध की वकालत तो जरूर करते हैं। लेकिन उकसावे वाली कार्रवाई से संबंध बेपटरी हो जाता है। लेकिन बात यहां अमेरिकी चिंता की करेंगे। एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे(FBI Director Chrsitopher Wray) के मुताबिक सायबर सेक्यूरिटी(Cyber Security), सायबर जासूसी के मामले में चीन(Chinese Hackers) अमेरिका से आगे और यह ना सिर्फ हमारे लिए बल्कि दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। अगर हैकर की बात करें को चीन और अमेरिका में यह अनुपात 50 और एक का है। सीनेट के सामने अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में चीन का सामना करने के लिए हमें और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना होगा। चीन से मिलने वाली चुनौती की गणना नहीं की जा सकती है। उनके पास बहुत बड़ा हैकिंग तंत्र है, यह तंत्र अगर दुनिया के कुछ बड़े मुल्कों को मिला भी दिया जाए तो उससे भी कहीं अधिक है।
क्रिस्टोफर रे, एफबीआई निदेशक
डेटा चोरी में चीन सबसे आगे
चीनी हैकरों ने हमारे व्यक्तिगत और कॉरपोरेट डेटा की चोरी की है। यह आंकड़ा चाहे बड़े देश हों या छोटे देश सबको मिलाकर भी अधिक है। ब्यूरो प्रमुख ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया सहित अन्य विदेशी राज्यों द्वारा किए गए साइबर हमलों की चेतावनी दी, लेकिन कहा कि चीन ने अमेरिकी गोपनीयता और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा किया है, जो कथित "बहुआयामी रणनीति" को पार करने की ओर इशारा करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका को वैश्विक महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ने से चीन रोक लगा रहा है। यह सिर्फ अमेरिका के लिए चिंता की बात नहीं है। बल्कि अमेरिका के मित्र देशों का भी नुकसान है।
चीनी खतरा, 1300 फीसद बढ़ी जांच
ऐसा कोई देश नहीं है जो चीनी सरकार की तुलना में हमारे नवाचार, हमारे विचारों, हमारी आर्थिक सुरक्षा, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अधिक महत्वपूर्ण खतरा प्रस्तुत करता हो और यही कारण है कि हमने चीन से खतरों की जांच की संख्या लगभग 1300% बढ़ा दी है। चीनी अधिकारियों ने हैकिंग और डेटा चोरी के अमेरिकी आरोपों का खंडन किया है और इसके बजाय वाशिंगटन पर समान आरोप लगाए हैं। इस महीने की शुरुआत में चीनी विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब वैश्विक साइबर सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है जो साइबरस्पेस में अपना आधिपत्य बनाए रखना चाहता है। अमेरिका से अपने वैश्विक हैकिंग संचालन को रोकने का आग्रह किया था।
