Red Sea Crisis: यमन के समुद्री तट के निकट लाल सागर में एक मालवाहक जहाज पर हमला किया गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र ने यमन के तट के निकट हुए इस हमले की सूचना दी। केंद्र के अनुसार, अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने जहाज पर हमला किया।
यमन तट के पास मालवाहक जहाज पर भीषण हमला (फाइल फोटो)
मालवाहक जहाज पर किसने किया हमला?
यूकेएमटीओ ने कहा कि संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। किसी समूह ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यमन के हूती विद्रोहियों ने जहाजों पर फिर से हमले शुरू करने की धमकी दी है। हालांकि, विद्रोहियों ने अभी तक ऐसे हमले शुरू नहीं किए हैं। हाल के दिनों में सोमाली समुद्री डाकू भी अदन की खाड़ी में दूरवर्ती इलाकों में सक्रिय रहे हैं।
यूकेएमटीओ के अनुसार, संदिग्ध समुद्री डाकुओं ने एक जुलाई को यमन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बंदरगाह शहर बालहाफ से 76 समुद्री मील (140 किलोमीटर) दक्षिण में एक जहाज पर हमला किया था।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या, गुस्साई भीड़ ने आरोपी व्यक्ति को उतारा मौत के घाट; इलाके में भारी बवाल
पिछले कुछ महीनों में लाल सागर और अदन की खाड़ी में मालवाहक जहाजों पर हमले, जहाजों को कब्जे में लेने की कोशिशें और समुद्री डकैती की घटनाएं लगातार देखी गई हैं। इन घटनाओं में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इसी कड़ी में पिछले सप्ताह भारतीय नौसेना ने एक मालवाहक जहाज पर समुद्री डाकुओं के हमले की कोशिश को सफलतापूर्वक विफल कर दिया था। नौसेना के अनुसार, यह घटना जिबूती से करीब 300 समुद्री मील पूर्व-उत्तर-पूर्व में हुई। निशाना बने एमवी गोल्डन आर्सेनल नामक मालवाहक जहाज पर सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनाडाइंस का झंडा लगा था। यह जहाज यमन के अदन बंदरगाह से रवाना हुआ था। जहाज पर कुल 21 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था।
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने अपना युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड तत्काल मौके पर भेजा। नौसेना की त्वरित कार्रवाई के बाद समुद्री डाकुओं की कोशिश नाकाम हो गई।
