Yevgeny Prigozhin Death News : गत जून महीने में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले प्राइवेट आर्मी के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन की विमान हादसे में मौत हो गई है। इस हादसे में प्रिगोझिन सहित विमान में सवार सभी 10 लोग मारे गए हैं। हालांकि, इस विमान हादसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विमान को मार गिराया गया या इसमें हवा में विस्फोट हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस बीच, प्रिगोझिन की मौत पर अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
विमान हादसे में वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन की मौत।
मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ-बाइडेन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि प्रिगोझिन की मौत होने की खबर मिलने पर उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ। बाइडेन ने कहा, 'वास्तव में हुआ क्या, इसकी मुझे जानकारी नहीं है लेकिन यह सुनकर मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। रूस में ऐसा कम ही होता है जिसके पीछे पुतिन का हाथ न हो। मुझे नहीं लगता कि इसके बारे में ज्यादा जानकारी सामने आएगी।'
'क्रेमलिन से दिया गया यह एक संकेत है'
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति के सहयोगी मिखायलो पोडोलायक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि क्रेमलिन की तरफ से यह संकेत है कि जो कोई भी बगावत करेगा उसका यही हश्र होगा। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पोडोलायक ने कहा, 'तख्ता पलट की कोशिश के दो महीने बाद प्रिगोझिन एवं वैगनर कमांड का खात्मा पुतिन की तरफ से दिया गया संकेत है कि जो कोई भी उनके खिलाफ आवाज उठाएगा उसका यही नतीजा होगा। रूस में 2024 में चुनाव होने हैं। उसके पहले पुतिन विरोधी लोगों के लिए यह एक चेतावनी है।'
'पुतिन को चुनौती देने पर मौत स्वभाविक नहीं'
पोलैंड के विदेश मंत्री जेड राउ ने न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि जो लोग भी पुतिन की सत्ता एवं ताकत को चुनौती देते हैं उनकी मौत 'स्वभाविक' नहीं होती। बता दें कि वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी ने गत 24 जून, 2023 को रूस के राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ बगावत की घोषणा की थी। भाड़े के सैनिकों के समूह के प्रमुख ने तब कहा था कि वो ‘रूस के सैन्य नेतृत्व को उखाड़कर ही दम लेंगे। तब वागनर ग्रुप के लड़ाके यूक्रेन की सीमा पार करके रूस के रोस्तोव-ऑन-डोन में शहर में घुस आए थे और सेना के उस मुख्यालय को अपने कब्ज़े में ले लिया था, जहां से यूक्रेन युद्ध का संचालन हो रहा है।
बगावत के बाद पुतिन से प्रिगोझिन की मुलाकात हुई
हालांकि, बाद में प्रिगोझिन की मुलाकात पुतिन से हुई। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी आवाज पहुंचानी थी और वह अपने इस मकसद में कामयाब हो गए। पुतिन से मुलाकात के बाद वैगनर ग्रुप ने कहा कि वह पहले की तरह रूसी सेना की ओर से मोर्चों पर लड़ता रहेगा।
