Muhammad Yunus Acquitted in Corruption case: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया बनते ही मोहम्मद यूनुस अपनी छवि को साफ करने में जुट गए हैं। एक के बाद एक केस में उन्हें बरी किया जा रहा है। खबर के मुताबिक मोहम्मद यूनुस को भ्रष्टाचार निरोधक आयोग द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में रविवार को बरी कर दिया गया। डेली स्टार समाचार पत्र ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि ढाका के विशेष न्यायाधीश न्यायालय-4 के न्यायाधीश मोहम्मद रबीउल आलम ने भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 494 के तहत मामले में अभियोजन वापस लेने की मांग की गई थी।
भ्रष्टाचार मामले में बरी हुए मुहम्मद यूनुस।
इससे पहले सात अगस्त को ढाका की एक अदालत ने श्रम कानून उल्लंघन के एक मामले में मोहम्मद यूनुस को बरी कर दिया था। उनके अलावा ग्रामीण टेलीकॉम के तीन शीर्ष अधिकारियों अशरफुल हसन, एम शाहजहां और नूरजहां बेगम को भी बरी किया गया था। बता दें, नूरजहां बेगम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की 16 सदस्यीय सलाहकार परिषद की सदस्य हैं, जो राज्य के मामलों को चलाने में यूनुस की सहायता करेंगी।
शेख हसीना शासन में मोहम्मद यूनुस पर दर्ज हुए थे कई मामले
बता दें, जाने-माने अर्थशास्त्री और नोबेल प्राइज विनर मोहम्मद यूनुस ने तीन दिन पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ के रूप में शपथ ग्रहण की थी। शेख हसीना सरकार में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के दर्जनों मामले दर्ज किए गए थे। कहा जाता है कि 2007 में जब बांग्लादेश में सेना समर्थित सरकार चल रही थी, तब शेख हसीना जेल में थीं। इसी दौरान मोहम्मद यूनुस ने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया था, जिससे हसीना नाराज हो गई थीं। हालांकि, बाद में यूनुन ने नया राजनीतिक दल बनाने से किनारा कर लिया था। हसीना ने यूनुस को गरीबों का खून चूसने वाला तक करार दिया था।
संतुलित विदेश नीति बनाएगी अंतरिम सरकार
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह एक संतुलित विदेश नीति बनाए रखेगी। साथ ही यह भी कहा कि बांग्लादेश भारत और चीन सहित सभी के साथ सुचारू और सकारात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है। अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने विदेश मंत्रालय में अपनी पहली प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "हमारी नीति अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए सभी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की है। हुसैन ने कहा कि यह मानना निरर्थक है कि यह अंतरिम सरकार केवल किसी विशेष दिशा पर ही केंद्रित है।
