बांग्लादेश में वेतन को लेकर बवाल, तीसरे दिन भी सड़क पर उतरे कपड़ा मजदूर, कई फैक्ट्रियों में लटके ताले

बांग्लादेश में 30 हजार टका न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर गारमेंट मजदूरों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। कई फैक्ट्रियां बंद हैं और सरकार ने वेतन बोर्ड बनाया है।

बांग्लादेश में गारमेंट फैक्ट्रियों के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन (Protest) थमने का नाम नहीं ले रहा है। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कई इलाकों में मजदूर सड़कों पर उतर आए, जबकि सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच कई कपड़ा फैक्ट्रियां बंद रहीं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, कर्मचारियों की मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन 12,500 टका से बढ़ाकर 30,000 टका किया जाए। प्रदर्शन का असर ढाका के पास गाजीपुर के कोनाबाड़ी और चंद्रा इलाकों में ज्यादा देखने को मिला। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गारमेंट फैक्ट्रियां हैं। लगातार विरोध और हमले की आशंका के चलते कई फैक्ट्री मालिकों ने अपने यहां काम बंद कर दिया है।

bangladesh garment workers protest

बांग्लादेश गारमेंट मजदूर प्रदर्शन (तस्वीर साभार- X/@ANI)

बांग्लादेश गारमेंट मजदूर प्रदर्शन (तस्वीर साभार- X/@ANI)

12,500 से 30,000 टका वेतन करने की मांग

दरअसल, बांग्लादेश में गारमेंट कर्मचारियों (Garment Workers) का मौजूदा न्यूनतम मासिक वेतन 12,500 टका है। मजदूर इसे बढ़ाकर 30,000 टका करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और खर्चों के बीच मौजूदा वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। इस मांग को उस समय और जोर मिला, जब बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के लिए नए वेतनमान का ऐलान किया। इस नए वेतनमान में कर्मचारियों की सैलरी और सुविधाएं लगभग दोगुनी होने की बात कही गई है। इसके बाद गारमेंट वर्कर्स भी अपने वेतन में बड़ा इजाफा चाहते हैं।

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