एक कहावत है कि जैसी करनी वैसी भरनी। पाकिस्तान के बारे में कहा जाता रहा है कि जिस किसी भी देश से उसने मदद ली उन पैसों का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया। पाकिस्तान के शहर अंधेरे में डूबे हुए हैं। लोगों के पास आटा खरीदने के पैसे नहीं, पाकिस्तानी रुपए की कीमत 300 के करीब, ईंधन खरीदने के लिए लोगों के पास पैसे नहीं और अब अब यह जानकारी सामने आ रही है कि पाकिस्तान सरकार के पास इतने पैसे नहीं कि वो फरवरी महीने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल खरीद सके।
पाकिस्तान के पास तेल खरीदने भर के लिए पैसे नहीं
श्रीलंका की तरह हो जाएंगे तबाह
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की बेलआउट मांगों को पूरा करने के लिए अपनी सरकार द्वारा विनिमय दर पर नियंत्रण छोड़ने के बाद पाकिस्तानी रुपया वर्तमान में डॉलर के मुकाबले 270 रुपये के आसपास मँडरा रहा है। विश्व बैंक के पूर्व अर्थशास्त्री आबिद हसन ने बताया कि पाकिस्तान सरकार को इन मांगों को पूरा करने के लिए जनता के लिए एक राजनीतिक मामला बनाना होगा। यदि वे नहीं करते हैं तो देश निश्चित रूप से डिफ़ॉल्ट होगा. और हम श्रीलंका की तरह समाप्त हो जाएंगे।
आसमान पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें
पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर बिजली कटौती देखी। जब कई बड़े शहरों में घंटों तक बिजली नहीं रही।रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान में इस पखवाड़े ईंधन की कोई कमी नहीं है। लेकिन अगर साख पत्र जारी नहीं किए गए तो संकट का सामना करना पड़ सकता है।हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की नई कीमतों की घोषणा की जो 29 जनवरी से प्रभावी हो गई हैं। संशोधित दरों के अनुसार हाई स्पीड डीजल की कीमत 262.80 रुपये प्रति लीटर, एमएस पेट्रोल की 249.80 रुपये प्रति लीटर, मिट्टी का तेल 189.83 रुपये प्रति लीटर और लाइट डीजल तेल की कीमत 187 रुपये प्रति लीटर है।
