amoeba eats brain: क्या अमीबा दिमाग खाता है और क्या उसकी वजह से किसी इंसान की मौत हो सकती है। इस सवाल का जवाब हैरान करने वाला है। हाल ही में कोरिया और अमेरिका में एक एक शख्स की मौत के बाद चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक हर किसी को साफ पानी पीना चाहिए ताकि अमीबा के खतरे से निपटा जा सके। फरवरी महीने में फ्लोरिडा की शार्लोट काउंटी में एक शख्स की मौत हुई थी। अमीबा द्वारा दिमाग खाने को नेगलेरिया फोलेरी भी कहते हैं। अमेरिका के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस रोग का संबंध दूषित जल के इस्तेमाल या नाक से पानी निकालने की आदत से संबंध हो सकता है। हालांकि नेगलेरिया फोलेरी के लिए यही दो कारण हैं पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
दिमाग का खाने लगता है अमीबा
मौत की वजह
अब सवाल यह है कि अमीबा की वजह से कैसे मौत हो सकती है। दरअसल नाक के जरिए अमीबा पहले दिमाग में दाखिल हो जाता है, वहां से रीढ़ की हड्डियों में जगह बनाता है। इसकी वजह से लाल रक्त कोशिकाएं और तंत्रिका कोशिका नष्ट होने लगती हैं। बाद में ब्रेन में सूजन की परेशानी हैमरेज की वजह बन जाती है।
कहां पाए जाते हैं अमीबा
अमीबा, खासतौर से मीठे पानी वाले इलाकों में जैसे कि झीलों, नदियों में पाए जाते हैं। जब कोई इंसान इन जगहों पर तैरता है तो संभावना इस बात की अधिक होती है कि अमीबा, नाक के जरिए इंसान के शरीर में दाखिल हो जाए।
क्या है सलाह
डॉक्टरों के मुताबिक हमेशा फिल्टर पानी पीजिए। इसके अलावा अगर नल का पानी सीधे पीते हैं तो उसे कम से कम एक मिनट के लिए जरूर उबालें और ठंडा कर पीएं। यही नहीं दूषित पानी में अमीबा होता है और नाक के जरिए यह शरीर में दाखिल हो जाता है।
