अमेरिका ने इराक से अपने सभी सैनिकों को बुलाने का फैसला कर लिया है। अमेरिका सितंबर के अंत तक इराक से अपने बचे हुए सैनिकों को पूरी तरह वापस बुला सकता है। इसके साथ ही 2003 में शुरू हुआ अमेरिका का इराक में करीब 23 साल पुराना सैन्य अभियान समाप्त हो जाएगा। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने बुधवार को इसकी घोषणा की।
अमेरिका का बड़ा फैसला! इराक से हटेंगे सभी सैनिक। AP
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख के साथ मुलाकात के दौरान अमेरिकी सैन्य मौजूदगी खत्म करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इराकी सरकार के मुताबिक, अमेरिकी नेतृत्व वाले ISIS विरोधी गठबंधन की सैन्य मौजूदगी को खत्म करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। बता दें कि पिछले साल, अमेरिकी सेना ने इराक के अधिकांश क्षेत्रों से अपने सैन्य ठिकानों को वापस बुला लिया था। हालांकि, उत्तरी कुर्द क्षेत्र में कुछ सैनिकों की मौजूदगी थी।
30 सितंबर तक सैनिकों की वापसी
अमेरिका के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना 30 सितंबर 2026 तक इराक से अपनी वापसी पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह कदम इराक में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के एक लंबे अध्याय का अंत होगा।
अमेरिकी नेतृत्व वाला गठबंधन मूल रूप से इराक और सीरिया में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ अभियान के लिए बनाया गया था। इराक में ISIS के क्षेत्रीय नियंत्रण को खत्म करने के बाद गठबंधन का युद्धक मिशन पहले ही समाप्त हो चुका था, जबकि अमेरिकी सैनिक प्रशिक्षण और सलाह देने की भूमिका में वहां मौजूद रहे।
आईएसआईएस के खिलाफ अभियान से शुरू हुई थी तैनाती
इराक में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का मौजूदा दौर आईएसआईएस (ISIS) के खिलाफ अभियान के दौरान शुरू हुआ था। आईएसआईएस ने 2014 के बाद इराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इराकी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर उसके खिलाफ सैन्य अभियान चलाया।
अब इराकी सुरक्षा बलों को देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने में सक्षम मानते हुए अमेरिका अपनी सैन्य भूमिका खत्म करने की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पूरी तरह खत्म होने के बजाय दूसरे रूप में जारी रहने की संभावना है।
2014 में इराक ने अमेरिकी सैनिकों को बुलाया था वापस
2007 में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान इराक में अमेरिकी सैनिकों की तादाद 170,000 से अधिक हो गई थी। हालांकि, दिसंबर 2011 आते-आते अमेरिका के सभी सैनिक वहां से चले गए थे, लेकिन 2014 में, आईएसआईएल समूह के उदय और इराक और सीरिया के एक बड़े हिस्से पर उसके कब्जे के कारण इराकी सरकार के निमंत्रण पर अमेरिकी सेना को वापस बुलाया गया। आईएसआईएल द्वारा अपने पूर्व दावे वाले क्षेत्रों पर से अपना नियंत्रण खोने के बाद सैन्य अभियान अंततः 2021 में समाप्त हो गए।
