पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में लंबे समय से विवादों के केंद्र में रही 12 शरणार्थी सीटों पर 2 अगस्त को मतदान होगा। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर की इन सीटों पर विधानसभा चुनाव दूसरे चरण में हो रहे है। हाल के हफ्तों में इन्हीं सीटों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक तनाव, विरोध प्रदर्शन और हिंसा देखने को मिली है।
पीओजेके में 12 सीटों पर कर चुनाव। Representational image
चुनाव आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में यानी कल कुल 21 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा,जिनमें 12 शरणार्थी सीटें और 9 सीटें मुजफ्फराबाद डिवीजन की शामिल हैं। इन 12 सीटों पर 143 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां 4,38,682 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए 1057 पोलिंग स्टेशन और 1,829 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
गौरतलब है कि चुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब पीओजेके में पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पों का दौर जारी है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का आरोप है कि इन 12 शरणार्थी सीटों का इस्तेमाल पाकिस्तान का सत्ता प्रतिष्ठान वहां की राजनीति को प्रभावित करने और स्थानीय जनादेश को कमजोर करने के लिए करता है।
दावा है कि हालिया अशांति के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में यहां 100 से अधिक नागरिकों की मौत, 1,000 से ज्यादा लोग घायल और 600 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है। साथ ही JAAC नेताओं और कार्यकर्ताओं की संपत्तियां जब्त करने, बैंक खाते फ्रीज करने और संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने के भी आरोप लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
JAAC की मुख्य मांग इन 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करने की है। संगठन का कहना है कि ये सीटें PoJK के लोगों के जनादेश को प्रभावित करती हैं और पाकिस्तान को क्षेत्र की राजनीति पर अधिक नियंत्रण देती हैं। हालिया हिंसा और बढ़े तनाव के बीच शनिवार का मतदान सुरक्षा व्यवस्था, मतदान प्रतिशत और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
