Ras Laffan accident: कतर के गैस फील्ड रास लफान में हुए विस्फोट में 12 भारतीयों सहित 13 लोगों की मौत हुई है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को कहा कि बीती रात रास लफान में हुई घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई। कतर के अधिकारियों के हवाले से दूतावास ने कहा कि घायलों की हालत स्थिर है और उनका उचित इलाज किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि दूतावास इस घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए कतर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि मृतकों के शव जल्द से जल्द भारत भेजे जाएं।
दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड है रास लफान।
जान गंवाने वालों में एक पाकिस्तानी
इससे पहले, कतर के ऊर्जा मंत्री साद बिन शेरिदा अल-काबी ने संवाददाताओं से कहा था कि धमाके में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, कतर के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रास लाफान औद्योगिक शहर में रविवार शाम बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति संयंत्र में परिचालन के दौरान आई "तकनीकी गड़बड़ी" के कारण हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 66 अन्य घायल हो गए।
दुर्घटना के कारण कोई रिसाव नहीं हुआ
मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों ने रास लाफान में आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों के साथ मिलकर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। उसने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मौके पर राहत एवं बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी घटना के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाने और उससे जुड़ी सभी परिस्थितियों का ब्यौरा जुटाने के लिए जांच में जुट गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना के कारण कोई रिसाव नहीं हुआ और इससे आसपास के लोगों की सुरक्षा या पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है।
इससे पहले, कतरएनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अल-काबी ने बताया था कि रविवार शाम रास लाफान औद्योगिक शहर में बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति संयंत्र में हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में 66 लोग घायल हो गए।
