Amul on Women's Reservation Bill : देश के मशहूर उत्पादों में से एक अमूल लगभग हर समसामयिक घटनाओं, मुद्दों पर अपने क्रिएटिव के माध्यम से संदेश देता है। अमूल की पोल्का डॉटेड गर्ल इस कार्टून में मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त नजर आती है। हालांकि इस बार भी ने अपनी क्रिएटिविटी का बेहतर नमूना पेश किया है। दरअसल, 21 सितंबर को लोकसभा और राज्यसभा ने महिला आरक्षण बिल को पारित किया है। इसमें ऐतिहासिक बिल में खास बात ये है कि, इस बिल से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। देश की महिलाओं के साथ-साथ अमूल ने भी इस ऐतिहासिक बिल के पारित होने का जश्न मनाया।
अमूल ने इस तरह मनाया जश्न। (फोटो क्रेडिट : @Amul/Instagram)
अमूल ने लिखा..
अमूल का अपनी विशिष्ट शैली का उपयोग करते हुए जश्न का बिल मनाने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। अूमल ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर क्रिएटिव को शेयर करते हुए लिखा कि, 'महिला आरक्षण बिल संसद में पारित!' ब्रांड के क्रिएटिव में उनके प्रतिष्ठित अमूल गर्ल को भी दिखाया गया है। फोटो में नीले बालों वाली पोल्का-डॉटेड गर्ल को एक हाथ में आधी खाई हुई ब्रेड और दूसरे हाथ में मक्खन चाकू पकड़े हुए दिखाया गया है। तस्वीर में एक महिला को भी ब्रेड का टुकड़ा पकड़े हुए दिखाया गया है। बैकग्राउंड में संसद की एक तस्वीर के ऊपर "33%" लिखा हुआ है। वहीं, फोटो के टॉप पर लिखा है, 'हमेशा आरक्षित रहने के योग्य।' इस पोस्ट को अब तक हजारों लोगों ने लाइक किया है। किसी ने तारीफ करते हुए क्रिएटिव को प्यारा तो किसी ने शानदार बताया। वहीं, कई लोगों ने इमोजी आइकन बनाकर तारीफ की।
पीएम मोदी ने कहा था..
संसद में सदस्यों के बीच 11 घंटे की बहस के बाद जब महिला आरक्षण बिल पास हो गया तो इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। वे लिखते हैं कि, 'हमारे देश की लोकतांत्रिक यात्रा में एक निर्णायक क्षण! 140 करोड़ भारतीयों को बधाई। मैं उन सभी राज्यसभा सांसदों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए वोट किया। इस तरह का सर्वसम्मत समर्थन वास्तव में खुशी की बात है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के साथ, हम भारत की महिलाओं के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण के युग की शुरुआत करते हैं। यह महज एक विधान नहीं है; यह उन अनगिनत महिलाओं को श्रद्धांजलि है जिन्होंने हमारे देश को बनाया है। भारत उनके लचीलेपन और योगदान से समृद्ध हुआ है। जैसा कि हम आज मनाते हैं, हमें अपने देश की सभी महिलाओं की ताकत, साहस और अदम्य भावना की याद आती है। यह ऐतिहासिक कदम यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता है कि उनकी आवाज़ को और भी अधिक प्रभावी ढंग से सुना जाए।'
