यह खबर सऊदी अरब के एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ी है जिन्होंने सिर्फ लंबी उम्र ही नहीं जी बल्कि इतिहास को अपनी आंखों से बदलते देखा। नासर बिन रादान अल रशीद अल वदाई (, Saudi oldest citizen) का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें सऊदी अरब का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति माना जाता था। उनके निधन से पूरा देश शोक में है। नासर अल वदाई का जन्म 1800 के दशक के अंत में हुआ था उस समय जब सऊदी अरब नाम का देश भी अस्तित्व में नहीं था। उन्होंने वह दौर देखा जब जीवन बेहद सादा था और सुविधाएं लगभग नहीं के बराबर थीं।
सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग शख्स की मौत, देखें वीडियो (फोटो: X/@Grouse_Beater)
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सऊदी अरब के हर राजा का देखा शासनकाल
अपने जीवन के दौरान उन्होंने सऊदी अरब (Saudi Arabia oldest man died) को एक रेगिस्तानी इलाके से आधुनिक और विकसित देश बनते हुए देखा। कच्चे रास्तों की जगह पक्की सड़कें बनीं, बिजली आई, अस्पताल खुले और तेल की खोज ने देश की किस्मत बदल दी। उन्होंने सऊदी अरब के हर राजा का शासनकाल देखा। राजा अब्दुलअजीज से लेकर मौजूदा राजा सलमान तक। जहां आम लोग कुछ दशकों में बदलाव देखते हैं।
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वहीं अल वदाई ने एक सदी से भी ज्यादा समय तक देश का बदलता चेहरा देखा। उनका निजी जीवन भी उतना ही खास था। उन्होंने तीन शादियां की थीं और अपने पीछे करीब 134 बच्चे और पोते-पोतियां (Nasser bin Radan Al Rashid) छोड़ गए हैं। उनकी तीसरी पत्नी 110 साल तक जीवित रहीं और 30 साल तक उनके साथ रहीं। शेख नासर अल वदाई ने 110 साल की उम्र में शादी की थी और उसके बाद भी वो पिता बने थे। इस शादी से उन्होंने एक बेटी को जन्म देकर पूरी दुनिया और विज्ञान को भी चौंका दिया था। उनकी एक बेटी अब भी जीवित है। जबकि उनके कुछ बेटे-बेटियां भी लंबी उम्र तक जिए।
40 से ज्यादा बार की थी हज यात्रा
परिवार वालों के मुताबिक नासर अल वदाई बेहद सादा जीवन जीते थे। वे अपनी मजबूत आस्था के लिए जाने जाते थे और उन्होंने 40 से ज्यादा बार हज यात्रा की थी। उनका मानना था कि उनकी लंबी उम्र का राज सादा खानपान और पारंपरिक जीवनशैली में छिपा है। उनके निधन पर धरान अल जनौब में हुई अंतिम नमाज़ में करीब 7,000 लोग शामिल हुए। बाद में उन्हें उनके पैतृक गांव अल रशीद में दफनाया गया। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें आस्था, धैर्य और सादगी का प्रतीक बता रहे हैं। उनका जीवन आज की तेज रफ्तार दुनिया में एक गहरी सीख छोड़ गया है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
