सोशल मीडिया पर इन दिनों दिल छू लेने वाला एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक रैपिडो ड्राइवर ने नेत्रहीन यात्री की मदद कर लाखों लोगों का दिल जीत लिया। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि रैपिडो ड्राइवर ने न सिर्फ उस नेत्रहीन छात्र को उसके कॉलेज तक पहुंचाया, बल्कि वह तब तक उसके साथ रहा जब तक कोई उसे क्लास के अंदर लेकर जाने वाला ना मिल गया।
नेत्रहीन छात्र को उसके कॉलेज छोड़ने के लिए ले जाता रैपिडो ड्राइवर (Instagram/@motolens_x3)
रैपिडो वाले को मिला नेत्रहीन यात्री
वायरल वीडियो में यह घटना असम की बताई जा रही है। वायरल वीडियो को रैपिडो राइडर अरफान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @motolens_x3 से शेयर किया गया है। जिसे अब तक 70 लाख से भी अधिक लोगों ने देखा और करीब 3 लाख लोगों ने लाइक किया है। अरफान अक्सर अपने अकाउंट पर अपने काम के दौरान होने वाले छोटे-छोटे अनुभवों को सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि अरफान एक राइड लेने के लिए एक घर के बाहर पहुंचते हैं। वहां एक युवक अपने परिवार के साथ उनका इंतजार कर रहा होता है। परिवार अरफान को बताता है कि यह छात्र नेत्रहीन है और उसे कॉलेज पहुंचना है। यह सुनकर अरफान बिना किसी हिचकिचाहट के उस छात्र की मदद करने के लिए तैयार हो जाते हैं। वह छात्र को अपनी स्कूटी पर बैठाकर कॉलेज के लिए निकल पड़ते हैं।
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ड्राइवर ने छात्र को सुरक्षित पहुंचाया कॉलेज
पूरे रास्ते दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत होती रहती है, जिससे सफर काफी सहज और दोस्ताना लगने लगता है। कुछ देर बाद वे कॉलेज के गेट पर पहुंचते हैं। गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड पहले उन्हें रोकता है। तब अरफान उसे बताते हैं कि यह छात्र नेत्रहीन है और उसे अंदर तक पहुंचाने की जरूरत है। यह सुनकर गार्ड उन्हें अंदर जाने की अनुमति दे देता है। अरफान उस छात्र को सिर्फ गेट तक छोड़कर नहीं लौटते। वे उसे उसके क्लास के जस्ट बाहर तक छोड़ते हैं और जब छात्र की दोस्त उसे मिलती है तब वे उस छात्र को छोड़कर जाते हैं। तब तक अरफान को पूरा भरोसा हो जाता है कि वह छात्र अब सुरक्षित अपनी क्लास तक पहुंच जाएगा।
लोगों न रैपिडो वाले की खूब की तारीफ
वीडियो को शेयर करते हुए अरफान ने लिखा कि यह राइड उनके लिए बहुत खास थी और यात्री को सुरक्षित पहुंचाकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अरफान की खूब तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपना काम नहीं किया, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी पेश की है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
