Maha Shivratri 2023: पाकिस्तान में है 900 साल पुराना चमत्कारी शिव मंदिर, माता सती के वियोग में यहां रोए थे भगवान भोलेनाथ!

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Feb 18, 2023, 07:21 AM IST

Maha Shivratri 2023: यह मंदिर पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। कटाक्ष कुंड का पानी दो रंगों में दिखाई पड़ता है। शुरुआत में हरे रंग का पानी दिखता है और ज्यादा गहराई में जाने पर पानी नीले रंग का हो जाता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • पाकिस्तान में स्थित है भगवान भोलेनाथ का मंदिर
  • भगवान के आंसुओं से हुआ है कुंड का निर्माण
  • दो रंगों में दिखाई देता है कुंंड का पानी

Maha Shivratri 2023: देव महादेव यानि भगवान भोलेनाथ की अराधना का सबसे बड़ा पर्व महा शिवरात्रि माना जाता है। नान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करते हैं, उसके जीवन के सभी कष्ट हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कई जगहों पर भगवान शिव के मंदिर मौजूद हैं और भक्त उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। पाकिस्तान में भी भगवान भोलेनाथ का एक पौराणिक शिव मंदिर है। माना जाता है कि यह मंदिर 900 साल पुराना है।

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भगवान भोलेनाथ का मंदिर (सोशल मीडिया)

धार्मिक महत्व

भगवान भोलेनाथ के इस मंदिर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यहां आकर भगवान भोलेनाथ माता सती के वियोग में रोए थे। उनकी आंखों से जो आंसू निकले थे, उससे कुंड का निर्माण हुआ था। यह मंदिर पाकिस्तान के कटसराज नामक स्थान पर है। मान्यता है कि माता सती की मृत्यु के बाद उनके वियोग में भोलेनाथ पहली बार यहीं आकर रोये थे। उन्होंने अपने आंसुओं को यहीं बहने दिया। माता सती के आत्मदाह का वियोग भगवान शिव बर्दाश्त नहीं कर पाए थे।

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