गैराज में पड़ी एक पुरानी और धूल से भरी पेंटिंग ने सबको चौंका दिया। जांच के बाद पता चला कि यह कोई साधारण तस्वीर नहीं, बल्कि 15वीं शताब्दी के पुनर्जागरण काल की एक अनमोल तस्वीर है। इस पेंटिंग में मैडोना और चाइल्ड को दर्शाया गया है और माना जाता है कि इसे प्रसिद्ध इतालवी चित्रकार पिएत्रो वानुची ने बनाया था। वही कलाकार जिन्हें कभी लियोनार्डो दा विंची के बराबर कहा जाता था।
मैडोना और चाइल्ड की 500 साल पुरानी पेंटिंग करोड़ में बिकी (फोटो साभार: एआई प्रतीकात्मक)
15 मिनट की नीलामी में लगी बोली
ऑक्सफोर्डशायर के बनबरी स्थित JS Fine Arts नीलामी घर में यह दुर्लभ कलाकृति £685,000 (करीब 7 लाख पाउंड के करीब कीमत) में एक निजी खरीदार ने खरीद ली। इसको अगर रुपयों में बात करें तो यह 8 करोड़ से ज्यादा में बिकी है। बोली इतनी रोमांचक थी कि सिर्फ 15 मिनट में वैश्विक स्तर से खरीदार फोन पर जुड़ने लगे और नीलामी घर का फोन लगातार बजता रहा।
मुख्य नीलामकर्ता जो स्मिथ क्या बोले
“हम जानते थे कि यह खास है, लेकिन लोगों की प्रतिक्रिया हमारी अपेक्षाओं से कहीं अधिक थी। यह हर नीलामकर्ता का सपना होता है।” इस बिक्री ने नीलामी घर का पुराना रिकॉर्ड £285,000 भी तोड़ दिया।
विक्रेता को नहीं था अंदाजा
पेंटिंग को बेचने वाला ऑक्सफोर्डशायर का एक स्थानीय व्यक्ति था, जिसने इसे बिना किसी इतिहास या मूल्य की जानकारी के सालों पहले खरीदा था।उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि उसके पास करीब 500 साल पुराना खजाना रखा है। सालों तक गैराज में यह पेंटिंग पड़ी रही।
कलाकार का अनोखा इतिहास
पिएत्रो वानुची इतालवी पुनर्जागरण के प्रसिद्ध चित्रकार हैं। माइकल एंजेलो के सिस्टिन चैपल की छत से दशकों पहले, उन्हें उसी चैपल की दीवारों को सजाने का काम मिला था। वानुची का निधन 1523 में हुआ, लेकिन आज भी उनकी कला दुनिया भर में सराही जाती है।
