Ajab Gajab news:'देर आए दुरुस्त आए' वाली कहावत तो आप सबने जरूर सुनी होगी। इसका मतलब ये होता है कि देर से ही सही लेकिन सही सलामत चीजें अगर सही जगह पहुंच जाए तो अच्छी बात है। एक लेटर के साथ भी कुछ ऐसा हुआ है, जिसकी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। क्योंकि, ये लेटर 105 साल बाद सही ठिकाने पर पहुंचा। समय काफी लग गया, लेटर वाला जमाना भी तकरीबन खत्म है। इसके बावजूद ये लेटर सही जगह पर पहुंच गया। तो आइए, जानते हैं क्या है पूरा मामला?
अनोखा लेटर
बताया जा रहा है कि ये पत्र प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन में लिखा गया था। जो करीब 105 साल बाद अपने सही पते पर पहुंचा है। इस पत्र को पाने वाल काफी खुश है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 1916 में यह पत्र भेजा गया था। एक दोस्त ने करीबी दोस्त को यह पत्र लिखा था। इस लेटर में किंग जॉर्ज पंचम की मुहर वाला स्टैंप लगा देख लोग काफी हैरान भी हैं। कहा जा रहा है कि यह पत्र साल 2021 में थिएटर के डायरेक्टर फिनले ग्लेन को लेटर बॉक्स में मिला। ग्लेन का कहना है कि जब मैंने 16 देखा तो मुझे लगा कि यह साल 2016 का पत्र है। लेकिन, पत्र पर राजा की टिकट देखकर उन्हें हैरानी हुई। कुछ समय बाद उन्होंने पत्र से जुड़ी जानकारी जुटाने और शोध करने के लिए उन्होंने इस लेटर को ऐतिहासिक संगठन को दे दिया।
Better late than never? 😳📬✅👏🏼Letter lost in 1916 delivered in London more than 100 years later.It begins: “My d… t.co/fTsVACyNfo
— ANI (@ANI) Feb 16, 2023
फोटो वायरल
जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान क्रिस्टाबेल मेनेल ने यह पत्र अपनी दोस्त केटी मार्श को भेजा था। रिपोर्ट के अनुसार, इस लेटर को भेजने वाली क्रिस्टाबेल मेनेल अमीर चाय व्यवसायी हेनरी तुक मेनेल की बेटी थी। इस लेटर को लंदन के एक पते पर भेजा गया था। अब यह लेटर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इतना ही नहीं इस सच्चाई को जानकर लोग हैरान भी हैं।
