पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में काली पूजा के मौके पर भक्ति और भव्यता का खास नजारा देखने को मिल रहा है। शहर के साल्टलेक इलाके के GC ब्लॉक में मां काली की 30 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रतिमा का विशाल आकार और भव्य रूप हर किसी का ध्यान खींच रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह कोलकाता की सबसे ऊंची काली प्रतिमा है।
देवी काली की मूर्ति बनी चर्चा का विषय (Times Now Navbharat)
30 फीट ऊंची प्रतिमा ने खींचा लोगों का ध्यान
साल्टलेक के GC ब्लॉक में स्थापित मां काली की यह प्रतिमा इस बार काली पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गई है। मां काली का विशाल स्वरूप देखकर श्रद्धालु काफी उत्साहित हैं। प्रतिमा को भव्य रूप दिया गया है, जो इसे दूसरी प्रतिमाओं से अलग बनाता है। काली पूजा के दौरान हर साल कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल सजाए जाते हैं। इनमें मां काली की सुंदर और कलात्मक प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। लेकिन इस बार GC ब्लॉक की 30 फीट ऊंची प्रतिमा अपने आकार की वजह से खास चर्चा में है।
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बंगाल में काली पूजा का खास महत्व
पश्चिम बंगाल में मां काली की पूजा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। काली पूजा के दिन श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मां की आराधना करते हैं। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में भव्य सजावट की जाती है और आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं। मां काली को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। उनका स्वरूप बुराई पर अच्छाई की जीत और अन्याय के खिलाफ शक्ति का संदेश देता है। यही वजह है कि काली पूजा के दौरान मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं।
आस्था के साथ दिख रही कलात्मकता
कोलकाता की पहचान लंबे समय से दुर्गा पूजा के भव्य आयोजनों के लिए रही है। यहां के पंडाल और देवी प्रतिमाएं देश-विदेश के लोगों का ध्यान खींचते हैं। वहीं, काली पूजा के आयोजन भी अपनी सजावट और अनोखी प्रतिमाओं के लिए खास पहचान बना रहे हैं। साल्टलेक के GC ब्लॉक में स्थापित मां काली की विशाल प्रतिमा भी इसी भव्यता और कलात्मकता की झलक दिखाती है। आयोजकों के सबसे ऊंची प्रतिमा होने के दावे के बीच यह प्रतिमा इस बार कोलकाता की काली पूजा के खास आकर्षणों में शामिल हो गई है।
