सावन का महीना आते ही देशभर में भगवान शिव की भक्ति का माहौल नजर आने लगता है। बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार समेत अलग-अलग जगहों से गंगाजल लेकर अपने घर और शिव मंदिरों की ओर जाते हैं। इस दौरान कांवड़िए अपनी कांवड़ को अलग-अलग तरीके से सजाते हैं लेकिन सहारनपुर में एक ऐसी कांवड़ लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जा रहा है। इस कांवड़ का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया (Social Media) पर भी खूब वायरल हो रहा है।
नोटों से सजे कांवड़ को ले जाता कांवड़िया (Facebook/@Naughtyworld)
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कांवड़ पर सजे ढाई लाख से ज्यादा के नोट
इस अनोखी कांवड़ की सबसे खास बात इसकी सजावट है। इसे करीब 2.70 लाख रुपए के करेंसी नोटों से सजाया गया है। दूर से देखने पर ही यह कांवड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। जैसे-जैसे लोगों को पता चल रहा है कि इसमें लाखों रुपये के नोट लगाए गए हैं, इसे देखने के लिए भीड़ और बढ़ती जा रही है।
सुरक्षा में साथ चल रही पुलिस
सहारनपुर में यह अनोखी कांवड़ लोगों के लिए हैरतअंगेज चीज बन गई है। आमतौर पर कांवड़ को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों, कपड़ों और धार्मिक सजावट से सजाया जाता है लेकिन यहां करेंसी नोटों का इस्तेमाल किया गया है। यही वजह है कि सड़क से गुजरने वाले लोग भी इसे देखने के लिए जरूर ठहर जाते हैं। कांवड़ के आसपास लोगों की भीड़ जुटने के कारण सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। पुलिसकर्मी कांवड़ियों के साथ चल रहे हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी तरह की परेशानी न हो।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
इस अनोखी कांवड़ की तस्वीरें और वीडियो (Video) सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। हमने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट @Naughtyworld नाम के अकाउंट से लिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि भोले का एक भक्त नोटों से सजे इस कांवड़ को लेकर जा रहा है। सुरक्षा के लिए उसके साथ पुलिस भी तैनात है। आसपास के लोग इस कांवड़ को देखकर हैरान हैं। इस कांवड़ को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जुट रही है। वीडियो देखने के बाद लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे भगवान शिव के प्रति अनोखी भक्ति बता रहे हैं, तो कुछ लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा इस बात पर जा रहा है कि आखिर कांवड़ को सजाने में इतने सारे नोटों का इस्तेमाल कैसे किया गया।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
