जेल का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में गंदगी, भीड़ और डरावना माहौल आ जाता है लेकिन जापान की एक महिला जेल का वीडियो (Video) इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसने लोगों के दिमाग में जेल की तस्वीरों को बदल कर रख दिया है। इस वीडियो में दिख रही जापान की जेल के नजारे लोगों को हैरान कर दे रहे हैं।
जापान की महिला जेल का नजारा (Instagram/@hanacocoaa)
लड़की ने किया महिला जेल का दौरा
इस वायरल वीडियो (Viral Video) को इंस्टाग्राम पर अमेरिकी पत्रकार हानाको मोंटगोमरी ने अपने अकाउंट @hanacocoaa से शेयर किया गया है। जिसमें वे जापान की सबसे बड़ी महिला जेल तोचिगी महिला जेल का दौरा करती नजर आ रही हैं। जब उन्होंने उस जेल का नजारा देखा तो वह खुद भी चौंक गईं। दरअसल, यहां का माहौल किसी होटल या नर्सिंग होम जैसा साफ-सुथरा और बेहद ही शांत नजर आ रहा है। हानाको ने अपने इस वीडियो में बताया कि जेल के अंदर इतनी सफाई है कि यहां के फर्श बिल्कुल शीशे की तरह चमक रहे थे। हर एक चीज अपनी जगह पर रखी हुई थी और पूरा माहौल बेहद शांत लग रहा था।
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जेल या नर्सिंग होम?
उन्होंने वीडियो में बताया कि इस जेल की सबसे खास बात यह है कि यहां बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं रहती हैं। 20% से ज्यादा कैदियां 65 साल से ऊपर हैं। सबसे बुजुर्ग कैदी की उम्र 90+ है। कई कैदियों को व्हीलचेयर या मेडिकल मदद की जरूरत होती है। इसी वजह से जेल अब एक तरह से नर्सिंग होम जैसा बन गया है, जहां जेल के स्टाफ कैदियों की देखभाल भी करते हैं।
क्यों बढ़ रही हैं बुजुर्ग कैदियां?
जापान में अकेलापन एक बड़ी समस्या बन चुका है। कई बुजुर्ग महिलाएं अकेली रहती हैं और उनके पास कोई सहारा नहीं होता। ऐसे में कुछ महिलाएं जानबूझकर छोटे-मोटे अपराध कर लेती हैं ताकि उन्हें जेल में रहने की सुविधा मिल सके। जहां उन्हें समय पर खाना मिलता है। इसके अलावा उन्हें मुफ्त इलाज और रहने की सुरक्षित जगह भी मिलती है। सबसे जरूरी तो यह है कि इस जेल में उन कैदी महिलाओं को एक-दूसरे का साथ भी मिलता है। हालांकि यहां की सुविधाएं तो अच्छी हैं लेकिन यहां नियम भी बहुत सख्त हैं। इस जेल में कैदियों को यूनिफॉर्म पहननी होती है और अपना हर एक काम तय समय पर ही करना होता है। यहां मोबाइल या निजी सामान रखने की अनुमति नहीं होती। इन महिला कैदियों को पेशेवर काम भी सिखाए जाते हैं, जिससे वे बाहर निकलने के बाद आत्मनिर्भर बन सकें।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
