देश में जब भी किसी ईमानदार अधिकारी की चर्चा होती है, तो लोगों को उम्मीद की एक नई किरण दिखाई देती है। महाराष्ट्र के FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) इन दिनों कुछ इसी वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। अब मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने उनके काम की तारीफ करते हुए उन्हें 'जनता का नायक' बताया है लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान तुकाराम मुंढे के जवाब ने खींचा है। उन्होंने तारीफ का श्रेय खुद लेने के बजाय इसे पूरी टीम की मेहनत बताया।
हर्ष गोयनका ने तुकाराम मुंढे से अपनी पहली मुलाकात का अनुभव शेयर किया और उनकी तारीफ की। (X/@hvgoenka/@Tukaram_IndIAS)
हर्ष गोयनका ने शेयर किया अपनी पहली मुलाकात का अनुभव
दरअसल, हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म X पर अपने अकाउंट से तुकाराम मुंढे से पहली मुलाकात का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक सभा में मुंढे लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बन गए थे। वहां कई लोग उनसे मिलना और बातचीत करना चाहते थे।
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खाद्य मिलावट के खिलाफ काम की हुई तारीफ
हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) ने अपनी पोस्ट में बताया कि तुकाराम मुंढे ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और असुरक्षित खानपान के तरीकों के खिलाफ काम किया है। उन्होंने प्रभावशाली संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाई है। गोयनका ने लिखा कि यह देखकर अच्छा लगता है कि एक अधिकारी जब ईमानदारी और भरोसे के साथ अपना काम करता है, तो वह जनता का नायक बन जाता है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आखिर ऐसे ईमानदार और समर्पित अधिकारियों के उदाहरण इतने कम क्यों दिखाई देते हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तुकाराम मुंढे की चर्चा शुरू हो गई।
तारीफ सुनकर तुकाराम मुंढे ने दिया ऐसा जवाब
हर्ष गोयनका की तारीफ पर तुकाराम मुंढे ने बेहद विनम्रता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं होती, बल्कि यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है। मुंढे ने बताया कि देशभर में कई ऐसे सिविल सेवक हैं, जो उनसे भी बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उतनी पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने खुद को एक बड़े समूह का छोटा सा हिस्सा बताया, जो देश और समाज की सेवा के लिए काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अब तक जो भी काम हुआ है, वह पूरी टीम की कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का भरोसा और उसकी उम्मीदें सरकारी अधिकारियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हैं।
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे तारीफ
तुकाराम मुंढे के इस जवाब को सोशल मीडिया यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि किसी अधिकारी की असली पहचान सिर्फ उसके काम से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और सोच से भी होती है। कुछ यूजर्स ने लिखा कि ईमानदार अधिकारियों को बिना किसी दबाव के काम करने का मौका मिलना चाहिए। वहीं, कई लोगों ने उम्मीद जताई कि ऐसे अधिकारियों को संस्थानों और सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।
