स्कूल में हाजिरी लगाना रोज-रोज का काम होता है। जहां शिक्षक बच्चों का नाम पुकारते हैं और बच्चे "प्रेजेंट मैम" या "यस सर" कहकर अपनी हाजिरी लगवाते हैं लेकिन दिल्ली के एक शिक्षक ने इस रोज-रोज के काम को इतना दिलचस्प बना दिया कि अब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
हाजिरी लगाने का अनोखा तरीका (Instagram/@mind_map_master)
वीडियो सोशल मीडिया पर छाया
इस वायरल वीडियो (Viral Video) को सुमी नाम की यूजर ने अपने अकाउंट @mind_map_master से इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, "मेरे छोटे बच्चे, जिम्मेदारी संभालते हुए।" इस छोटे से वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे बच्चे खुद अपनी हाजिरी लगाते हैं और इसी तरीके से अपनी जिम्मेदारी भी सीखते हैं।
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हाजिरी लगाने का यह अनोखा तरीका खूब हो रहा वायरल
वीडियो (Video) में देखा जा सकता है कि जैसे ही टीचर क्लास में आती हैं, तो सबसे पहले वह इस खास अटेंडेंस बोर्ड के पास जाकर अपनी हाजिरी लगाती हैं। इसके बाद क्लास में आने वाले बच्चे अपनी सीट पर बैठने से पहले दीवार पर लगे उस खास अटेंडेंस बोर्ड के पास जाते हैं। यह बोर्ड माचिस की छोटी-छोटी डिब्बियों से बनाया गया है। हर डिब्बी पर एक बच्चे की फोटो लगी हुई है। हर माचिस बॉक्स के अंदर दो अक्षर रखे गए हैं। 'P' यानी Present (उपस्थित) और 'A' यानी Absent (अनुपस्थित)। जब कोई बच्चा स्कूल आता है तो वह अपनी डिब्बी खोलकर 'P' वाला हिस्सा सामने कर देता है। इसके बाद वह अपनी सीट पर जाकर बैठ जाता है। इस तरह शिक्षक को अलग से नाम पुकारकर हाजिरी नहीं लगानी पड़ती। इस वीडियो में सबसे खास बात यह है कि बच्चों की तरह टीचर भी उस अटेंडेंस बोर्ड पर अपना हाजिरी लगाती हैं, ताकि बच्चे उनसे सीख सकें।
लोगों को काफी पसंद आया टीचर का यह आइडिया
सोशल मीडिया पर लोगों को यह अनोखा आइडिया खूब पसंद आ रहा है। एक यूजर ने लिखा, "बच्चों को सिखाने का यह बहुत ही शानदार और मजेदार तरीका है।" दूसरे यूजर ने कहा, "ऐसे टीचर हर स्कूल में होने चाहिए।" वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसी अटेंडेंस सिस्टम कॉलेज और ऑफिस में भी शुरू कर देनी चाहिए। कई यूजर्स ने इसे सीखने का बेहतरीन तरीका बताया, उन्होंने कहा कि यह तरीका सिर्फ हाजिरी लगाने तक सीमित नहीं है। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ती है। वे खुद अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं और छोटी उम्र से ही अपने काम की जिम्मेदारी लेना सीखते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
