APJ Abdul Kalam News: 'मिसाइल मैन' के नाम से मशहूर भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के अनगिनत किस्से सुर्खियां बटोरते हैं। बीते 27 जुलाई को उनकी 8वीं पुण्य तिथि पर पूरे देश ने उन्हें याद किया। वो भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके किस्से लोगों को जीना सिखाती है। उनकी मिसाल हम सारी दुनिया में दते हैं। इस बीच उनसे जुड़ा एक आईएएस अधिकारी का पोस्ट खूब वायरल हो रहा है। आखिर इस पोस्ट में ऐसा क्या है? आपको बताते हैं।
अब्दुल कलाम एक कंपनी को तोहफे के पैसे चेक से लौटाया।
मिसाइल मैन की ईमानदारी का कोई जवाब नहीं
आईएएस अधिकारी एम वी राव ने बीते 12 अगस्त को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से जुड़ी एक रोचक किस्सा शेयर किया है। इसमें बताया गया कि कलाम अपने जीवन में कितनी सादगी के साथ रहते थे, उनकी ईमानदारी ने दुनियाभर में एक पैमाना तय किया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट में एम वी राव ने लिखा, "2014 में, 'सौभाग्य वेट ग्राइंडर' नामक कंपनी एक कार्यक्रम में स्पॉन्सर थी, जहां डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मुख्य अतिथि थे।"
क्या है एपीजे अब्दुल कलाम से जुड़ा वो किस्सा?
कंपनी ने डॉ. कलाम को तोहफे के तौर पर एक ग्राइंडर दिया था, जिसे उन्होंने सम्मानपूर्वक स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, स्पॉन्सर ने जिद की तो उन्होंने गिफ्ट स्वीकार कर लिया। लेकिन अगले दिन डॉ. कलाम ने कंपनी को एक चेक भेजा, जो ग्राइंडर की बाजार कीमत का था। कंपनी ने चेक जमा करने से मना कर दिया। जब कलाम को इस बात की जानकारी मिली कि उनके खाते से कोई पैसा नहीं कटा है, तो उन्होंने कंपनी को चेक जमा करने के लिए कहा। उन्होंने सीधे-सीधे ये कह दिया कि अगर वो चेक जमा नहीं करेंगे तो वे ग्राइंडर वापस भेजने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसके बाद कंपनी ने चेक जमा कर दिया, लेकिन उन्होंने इसकी एक फोटोकॉपी भी बनाई और इसे प्रदर्शन के लिए फ्रेम कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आईएएस का पोस्ट
आईएएस अधिकारी एम वी राव ने अपने पोस्ट में कलाम का साइन किया हुआ एसबीआई का चेक भी शेयर किया। आईएएस अधिकारी की इस पोस्ट को हजारों लाइक्स मिल चुके हैं। इस पर कमेंट करते हुए एक एक्स यूजर ने लिखा, 'जब मैं बड़ा हुआ तो मुझे यह एहसास हुआ कि अगर कोई अधिकारी अपनी आधिकारिक क्षमता पर किसी जगह का दौरा करता है तो उसे निजी इस्तेमाल के लिए कोई उपहार नहीं लेना चाहिए और न ही वहां किसी के घर खाना खाना चाहिए।' बाद में मुझे पता चला कि चाण्क्य नीति भी इसी तरह की सलाह देती है।' अधिकारी राव की पोस्ट पर कई सारे लोग कमेंट कर रहे हैं, लेकिन एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी से जुड़ा ये किस्सा लोगों के लिए एक बड़ी सीख है।
