Ajab Gajab: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ब्रिटिश महिला का कारनाम काफी ज्यादा वायरल हो रहा है। महिला ने पिछली कंपनी के अपने पूर्व नियोक्ता पर फेयरवेल कार्ड न देने का मुकदमा किया था। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, वह अपना केस हार गई क्योंकि जांच में ये पता चला कि उसके लिए कार्ड की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन उस पर केवल तीन लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। कैरन कॉनघन नामक महिला के साथ काम करने वाले साथियों को लगा था कि, उसे कार्ड देना अपमानजनक होगा क्योंकि बहुत कम लोगों ने उस पर हस्ताक्षर किए थे।
हालांकि, महिला का दावा था कि लीविंग कार्ड न होना इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) में उनके अस्तित्व को स्वीकार न करने जैसा था, जो समानता कानून का उल्लंघन है। बता दें कि, IAG ब्रिटिश एयरवेज की मूल कंपनी है जिसने 2021 में कॉनघन को नौकरी से निकाल दिया था।
महिला के एक पूर्व साथी ने न्यायाधीश को बताया कि 'कॉनघन ने 2019 में IAG के लिए काम करना शुरू किया था। उनके लिए एक फेयरवेल कार्ड खरीदा गया था, हालांकि, हस्ताक्षरों की कम संख्या के कारण इसे उन्हें प्रस्तुत नहीं किया गया।' न्यायाधीश केविन पामर ने ये कहते हुए मुकदमा खारिज कर दिया कि, कार्ड न देने की अपेक्षा उसे कार्ड देना ज्यादा अपमानजनक होता। गौरतलब है कि, महिला ने कंपनी के खिलाफ यौन उत्पीड़न, उत्पीड़न और अनुचित बर्खास्तगी जैसी 40 शिकायतें प्रस्तुत कीं। हालांकि, कोर्ट ने हर दावे को खारिज कर दिया।
जज ने अंत में माना कि, 'महिला ने षड्यंत्र की मानसिकता अपना ली थी और वर्कप्लेस पर अक्सर होने वाली सामान्य बातचीत को उत्पीड़न समझ लिया था।' न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि दावे में उल्लिखित कई कार्य या तो घटित नहीं हुए थे, या यदि वे घटित हुए थे, तो वे रोजगार में होने वालीं सामान्य चीजें थीं।
