Ajab Gajab News: दुनिया के सबसे घने जंगलों में गिने जाने वाले अमेजन वर्षावन में आज भी कई ऐसी परंपराएं जीवित हैं, जो आधुनिक समाज को हैरान कर देती हैं। इन्हीं में से एक परंपरा ब्राजील की प्राचीन जनजाति सातेरे-मावे ट्राइब से जुड़ी है। यहां किशोर लड़कों को वयस्कता की दहलीज पार करने के लिए बेहद कष्टदायक परीक्षा से गुजरना पड़ता है। इस अनुष्ठान को ‘वाउमत’ कहा जाता है, जिसमें दुनिया की सबसे दर्दनाक डंक वाली चींटी, बुलेट एंट का इस्तेमाल होता है।
Ajab Gajab: चींटियों से कटवाकर यहां लड़के बनते हैं 'असली मर्द' (फोटो: iStock)
ऐसे निभाई जाती है परंपरा
बुलेट एंट का डंक इतना तीव्र माना जाता है कि इसे दर्द के पैमाने पर सबसे ऊपर रखा गया है। इसका जहर तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है, जिससे घंटों तक जलन, कंपन और असहनीय पीड़ा महसूस हो सकती है। परंपरा के तहत बुजुर्ग पहले इन चींटियों को अस्थायी रूप से शांत करते हैं और फिर उन्हें विशेष रूप से बुने गए दस्तानों में इस तरह फिट करते हैं कि उनके डंक अंदर की ओर रहें। जब चींटियां सक्रिय हो जाती हैं, तब 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लड़कों को बारी-बारी से उन दस्तानों में हाथ डालना होता है।
रस्म के दौरान लड़के दर्द सहते हुए नृत्य करते हैं, ताकि वे अपनी सहनशक्ति और साहस दिखा सकें। कई बार इस प्रक्रिया के बाद हाथ सुन्न पड़ जाते हैं और शरीर में तेज कंपकंपी होती है। जनजाति का विश्वास है कि जो युवक इस परीक्षा को धैर्य के साथ पूरा कर लेता है, वही भविष्य में नेतृत्व और जिम्मेदारियों के योग्य बनता है। उनके लिए यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक मजबूती की सीख है, जो जीवन की कठिनाइयों से लड़ने का साहस देती है।
