Viral News: एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म में काम करने वाले एक वकील के नौकरी छोड़ने का किस्सा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, वकील ने कथित तौर पर उसके ट्रांसफर के नोटिस को खारिज कर दिया था क्योंकि, वह अपनी गर्भवती पत्नी की देखरेख करना चाहता था। ऐसे में 32 साल के उस वकील को जो कि, सालाना करीब 900,000 डॉलर या ₹ 7.8 करोड़ कमा रहा था बॉस के कहने पर अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी।
निक ह्यूबर नामक शख्स ने वकील की कहानी एक्स पर शेयर की है। उन्होंने बताया कि, 'मैंने पिछले साल एक ऐसे व्यक्ति से बात की थी जिसने एक बड़ी प्रतिष्ठित लॉ फर्म में 5 साल बिताए थे। यह दुनिया की शीर्ष कानूनी फर्मों में से एक है, जो मुकदमेबाजी पर काम करती है। उस वकील ने आइवी लीग स्कूल से स्नातक किया था और लॉ फर्म में शक्तिशाली पद तक पहुंचने के लिए हजारों घंटे काम किया था। सिर्फ 32 साल की उम्र में, वह सालाना करीब 900,000 डॉलर या ₹ 7.8 करोड़ कमा रहा था, लेकिन इस ऊंचे वेतन की एक कीमत भी चुकानी पड़ी।' ह्यूबर के अनुसार उक्त वकील सप्ताह में लगभग 80 घंटे से ज्यादा समय तक काम करता था।
दावे के मुताबिक, जिस समय उस लॉयर की पत्नी आठ महीने की गर्भवती थी उस समय उसे दूसरे शहर का एक मामला सौंपा गया। ह्यूबर कहते हैं कि, उन्होंने अपने वरिष्ठ साथी से कहा कि, वे प्रसव के समय को नहीं छोड़ सकते..तो वरिष्ठों ने उन्हें काम करते रहने का सुझाव दिया। मगर वकील ने पत्नी की देख-रेख के लिए अपने ट्रांसफर ऑर्डर को नकारा और फिर बॉस के कहते ही नौकरी छोड़ दी। बहरहाल, अमेरिकी उद्यमी ने इसे एक दुखद सौदा बताया। अब ये पोस्ट काफी वायरल हो रही है, जिसमें लोगों की राय वकील के पक्ष में है।
कई यूजर्स की इस मामले पर प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने कहा कि, 'वह हमेशा एक और बच्चा पैदा कर सकता है। लेकिन उसे उस मामले को फिर से लड़ने का मौका कभी नहीं मिलेगा!' दूसरे ने कहा कि, 'मुझे यहां दुख नहीं दिखता। मैं एक ऐसे व्यक्ति को देखता हूं जिसे एक विकल्प दिया, उसने सही/नैतिक विकल्प चुनाऔर अब उसके पास पैसे और जीवन में जो चाहे करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। एक नए बच्चे के साथ, और अब काम की बेड़ियां नहीं हैं।' तीसरे ने कहा कि, 'अगर उसने पैसे बचाए और मूर्खों की तरह नहीं जीया तो यह जीत की तरह लगता है। शायद उसे दूसरी अच्छी नौकरी मिल गई है और अगर उसने निवेश किया है तो वह जीवन भर के लिए तैयार है।'
