Pension Reforms : केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मामलों के राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बुधवार (04 जून 2025) को कहा कि किसी भी रिटायर्ड व्यक्ति को अपनी बकाया पेंशन राशि पाने के लिए दर-दर नहीं भटकना चाहिए।
अब खत्म हो जाएगी पेशनर्स की समस्या?
13वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत का आयोजन
यह टिप्पणी डॉ सिंह ने यहां आयोजित 13वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत में की, जहां पेंशनधारकों, अधिकारियों और विभाग प्रमुखों को एक मंच पर लाया गया था।
पेंशन अदालत: जन-केंद्रित सुधार की मिसाल
मंत्री ने पेंशन अदालत को हाल के वर्षों का सबसे जन-केंद्रित प्रशासनिक सुधार करार देते हुए कहा कि यह न केवल शिकायत निवारण का मंच है, बल्कि यह सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है कि कोई भी आवाज अनसुनी नहीं रहेगी।
प्रशासन में संवेदनशीलता और दक्षता जरूरी
सिंह ने प्रशासनिक प्रक्रिया में संवेदनशीलता और दक्षता के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया और पेंशन शिकायतों के समयबद्ध समाधान की वकालत की।
समाधान केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं, पूर्वानुमानित हो
उन्होंने कहा कि पेंशन मामलों में प्रभावी समाधान केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्वानुमानित भी होना चाहिए, जो तकनीक से समर्थित और मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित हो।
डिजिटल माध्यमों से पेंशनभोगियों तक पहुंचे सरकार
डॉ. सिंह ने उन पेंशनधारकों तक पहुंच बढ़ाने की बात कही जो शारीरिक रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हो सकते, और इसके लिए डिजिटल टूल्स को सक्रिय रूप से अपनाने की जरूरत बताई।
सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से शिकायतों की निगरानी
मंत्री ने कहा कि केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण प्रणाली को वास्तविक समय में ट्रैक करना और उसका लाभ उठाना समय की आवश्यकता है।
पेंशनभोगी: लाभार्थी नहीं, प्रशासनिक परिवार के सदस्य
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पेंशनभोगियों को केवल लाभार्थी न समझें, बल्कि उन्हें ‘प्रशासनिक परिवार के सम्मानित सदस्य’ के रूप में देखें।
शिकायत निवारण से शासन में विश्वास बढ़ता है
सिंह ने जोर देकर कहा कि जब नागरिकों को लगता है कि उनकी बात सुनी जा रही है और उन्हें सम्मान मिल रहा है, तो इससे सरकार के प्रति विश्वास और बढ़ता है।
25,000 से अधिक शिकायतों का समाधान
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, सितंबर 2017 से अब तक 12 पेंशन अदालतें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें कुल 25,416 मामले लिये गए, और इनमें से 18,157 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। (इनपुट भाषा)
