त्योहारों का सीजन शुरू होते ही ट्रेनों में टिकट की मांग तेजी से बढ़ जाती है। दुर्गापूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट मिलना बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में अगर आप भी इस साल त्योहार पर ट्रेन से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं, तो टिकट बुकिंग की तारीख अभी से नोट कर लें। भारतीय रेलवे के मौजूदा नियम के मुताबिक सामान्य आरक्षण यात्रा की तारीख को छोड़कर 60 दिन पहले खुलता है और ओपनिंग-डे बुकिंग सुबह 8 बजे के बाद उपलब्ध होती है।
दुर्गापूजा के लिए 18 अगस्त से कर सकेंगे बुकिंग/photo-AI
| त्योहार | त्योहार की तारीख | 60 दिन पहले टिकट बुकिंग |
|---|---|---|
| दुर्गापूजा | 17 अक्टूबर 2026 | 18 अगस्त 2026 |
| दिवाली | 6 नवंबर 2026 | 7 सितंबर 2026 |
| छठ पूजा | 13 नवंबर 2026 | 14 सितंबर 2026 |
दुर्गापूजा के लिए 18 अगस्त से कर सकेंगे बुकिंग
इस साल दुर्गापूजा 17 अक्टूबर 2026 को है। अगर आप 17 अक्टूबर को ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं, तो 60 दिन पहले यानी 18 अगस्त 2026 से टिकट बुकिंग शुरू होगी। ऐसे में यात्रियों को टिकट विंडो खुलते ही बुकिंग करने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि त्योहार के समय ट्रेनों में सीटों की मांग काफी ज्यादा रहती है।
दिवाली के लिए ट्रेन टिकट कब से बुक होगा
दिवाली इस साल 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस तारीख को यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 60 दिन पहले यानी 7 सितंबर 2026 से सामान्य टिकट बुकिंग शुरू होगी। दिवाली के आसपास दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब और अन्य बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है तो सितंबर महीने की शुरुआत से ही टिकट बुकिंग की कोशिश कर सकते हैं।
छठ पूजा के लिए 14 सितंबर से बुकिंग
छठ पूजा इस साल 13 नवंबर 2026 को है। छठ के लिए घर जाने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग 14 सितंबर 2026 से शुरू होगी। यदि आप छठ में पहले ही घर जाना चाहते हैं तो आपको एक हफ्ते पहले यानी 7 सितंबर से बुकिंग कर सकते हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों में छठ के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इसलिए यात्रियों को बुकिंग की तारीख का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सुबह 8 बजे से शुरू होगी ओपनिंग-डे बुकिंग
IRCTC के मौजूदा नियमों के अनुसार सामान्य आरक्षण की ओपनिंग-डे बुकिंग सुबह 8 बजे के बाद उपलब्ध होती है। 60 दिन की गणना यात्रा की तारीख को छोड़कर की जाती है। साथ ही, एडवांस रिजर्वेशन पीरियड ट्रेन के ऑरिजिनेटिंग स्टेशन से यात्रा की तारीख के आधार पर निर्धारित होता है। कुछ इंटरसिटी डे ट्रेनों के लिए यह अवधि 60 दिनों से कम भी हो सकती है।
त्योहारों पर स्पेशल ट्रेनें भी चल सकती हैं
त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे अलग-अलग जोन में अतिरिक्त और स्पेशल ट्रेनें भी चला सकता है। पिछले वर्षों में भी पूजा, दिवाली और छठ के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा की गई है। इसलिए अगर सामान्य ट्रेनों में सीट नहीं मिलती है, तो यात्रियों को बाद में घोषित होने वाली स्पेशल ट्रेनों पर भी नजर रखनी चाहिए।
