UPI से पेमेंट करने का तरीका जल्द और आसान होने वाला है। अब दुकानों पर पेमेंट करने के लिए हर बार QR कोड स्कैन करने या UPI ID डालने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने Global Fintech Fest 2026 में UPI Tap and Pay फीचर का ऐलान किया है। इस सुविधा की मदद से यूजर्स NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को सीधे PoS मशीन पर टैप करके भुगतान कर सकेंगे।
क्या है UPI Tap and Pay?/Photo- Google
खास बात यह है कि पेमेंट के समय फोन में मोबाइल इंटरनेट का एक्टिव कनेक्शन जरूरी नहीं होगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि UPI पूरी तरह बिना इंटरनेट के काम करेगा। असल में ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के लिए दुकानदार की PoS मशीन के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या है UPI Tap and Pay?
UPI Tap and Pay एक कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सुविधा है। इसमें NFC यानी Near Field Communication तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। NFC ऐसी वायरलेस टेक्नोलॉजी है, जिससे पास रखे दो डिवाइस एक-दूसरे के साथ जानकारी शेयर कर सकते हैं। यही तकनीक कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट में भी इस्तेमाल होती है।
इस फीचर के आने के बाद यूजर को दुकान पर QR कोड खोलकर स्कैन करने की जरूरत नहीं होगी। अगर स्मार्टफोन और दुकानदार की PoS मशीन दोनों इस सुविधा को सपोर्ट करते हैं, तो फोन को मशीन के पास टैप करके पेमेंट शुरू किया जा सकेगा।
बिना इंटरनेट फोन के कैसे होगा UPI पेमेंट?
यह इस फीचर की सबसे खास बात है। Tap and Pay में यूजर के स्मार्टफोन का मोबाइल डेटा जरूरी नहीं होगा। यानी अगर आपके फोन में उस समय मोबाइल इंटरनेट नहीं चल रहा है, फिर भी आप पेमेंट कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि फोन और PoS मशीन के बीच जरूरी जानकारी NFC के जरिए शेयर होगी और ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के लिए PoS टर्मिनल के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल किया जाएगा।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी जगह आपके फोन में मोबाइल नेटवर्क या डेटा नहीं है, लेकिन दुकानदार की PoS मशीन इंटरनेट से कनेक्टेड है। ऐसी स्थिति में आप NFC वाले फोन को PoS मशीन पर टैप करके भुगतान कर सकेंगे। यानी इसे “बिना इंटरनेट UPI पेमेंट” कहना थोड़ा अधूरा होगा। सही तरीके से समझें तो फोन में मोबाइल डेटा के बिना पेमेंट किया जा सकेगा, जबकि पेमेंट प्रोसेस करने के लिए PoS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन काम करेगा।
UPI Tap and Pay से पेमेंट कैसे करें?
इसके लिए सबसे पहले आपके स्मार्टफोन में NFC सपोर्ट होना चाहिए और दुकानदार के पास भी ऐसा PoS टर्मिनल होना चाहिए, जो इस नई सुविधा को सपोर्ट करता हो। इसके बाद यूजर फोन को अनलॉक करके PoS मशीन के पास टैप कर सकता है। NFC के जरिए पेमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी और ट्रांजैक्शन PoS मशीन के इंटरनेट कनेक्शन से प्रोसेस होगा। यह सुविधा सामान्य UPI बैंक अकाउंट के साथ-साथ UPI से लिंक RuPay क्रेडिट कार्ड जैसे सपोर्टेड पेमेंट विकल्पों के लिए भी उपलब्ध हो सकती है।
5,000 रुपये तक पेमेंट में नहीं लगेगा UPI PIN
UPI Tap and Pay में छोटी रकम के भुगतान को और आसान बनाने की कोशिश की गई है। 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन में UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, अगर पेमेंट की रकम 5,000 रुपये से ज्यादा है, तो यूजर को PoS टर्मिनल पर UPI PIN दर्ज करना होगा। इससे छोटी खरीदारी के दौरान पेमेंट प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि, यूजर्स को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेमेंट की रकम और व्यापारी की जानकारी सही है।
QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं
अभी दुकानों पर UPI पेमेंट का सबसे आम तरीका QR कोड स्कैन करना है। इसमें यूजर को UPI ऐप खोलना, QR स्कैन करना, रकम दर्ज करना और फिर पेमेंट पूरा करना पड़ता है। Tap and Pay इस प्रक्रिया को काफी छोटा कर सकता है। NFC वाले फोन को कम्पैटिबल PoS मशीन पर टैप करना ही पेमेंट शुरू करने के लिए काफी होगा। इससे UPI पेमेंट का अनुभव कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट जैसा हो सकता है। हालांकि, यह सुविधा तभी काम करेगी जब स्मार्टफोन और दुकानदार की PoS मशीन दोनों NFC और Tap and Pay फीचर को सपोर्ट करें।
MyUPI भी हुआ लॉन्च, पेमेंट पर बढ़ेगा कंट्रोल
Tap and Pay के साथ RBI ने MyUPI नाम का AI-पावर्ड कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म भी पेश किया है। इसे NPCI ने विकसित किया है और यह Finance Model for India यानी FiMI के छोटे लैंग्वेज मॉडल पर आधारित है। MyUPI का उद्देश्य अलग-अलग बैंकों और UPI ऐप्स में मौजूद ट्रांजैक्शन और AutoPay mandates को एक जगह दिखाना है। इससे यूजर अपने UPI पेमेंट को ज्यादा आसानी से ट्रैक और मैनेज कर सकेंगे।
Safety Switch और UPI Number Delink जैसी सुविधाएं
MyUPI में Safety Switch नाम का फीचर भी दिया गया है। अगर यूजर को लगता है कि उसका अकाउंट खतरे में है, तो वह UPI डेबिट ट्रांजैक्शन को रिजेक्ट करने का अनुरोध कर सकेगा। इसके अलावा UPI Number Delink फीचर की मदद से यूजर अपने मोबाइल नंबर के जरिए UPI पेमेंट रिसीव करना बंद कर सकेगा। MyUPI पेमेंट से पहले लाभार्थी यानी Beneficiary से जुड़ी जानकारी भी दिखाएगा, ताकि यूजर को पेमेंट करने से पहले ज्यादा संदर्भ मिल सके।
इसके अलावा कुछ योग्य ट्रांजैक्शन के लिए ऑटोमेटेड चार्जबैक और Transaction Replay जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। Transaction Replay के जरिए यूजर किसी पुराने ट्रांजैक्शन को दोबारा याद करके किसी भी UPI ऐप से रिपीट कर सकेगा।
Bharat Connect पर मल्टीकरेंसी की भी तैयारी
RBI ने Bharat Connect पर फॉरेक्स कैटेगरी के लिए मल्टीकरेंसी सुविधा भी शुरू की है। इसे फिलहाल Controlled User Group यानी CUG के तहत चरणबद्ध तरीके से पेश किया जा रहा है। इस सुविधा के तहत अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, ब्रिटिश पाउंड, कनाडाई डॉलर, स्विस फ्रैंक और UAE दिरहम को भी सपोर्ट किया जाएगा। आगे CUG फेज के आकलन के बाद इस सुविधा को Bharat Connect के दूसरे चैनलों और भाग लेने वाले बैंकों तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
कुल मिलाकर, UPI Tap and Pay डिजिटल पेमेंट को और तेज और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। खासतौर पर फोन में मोबाइल डेटा न होने की स्थिति में PoS के इंटरनेट कनेक्शन के जरिए पेमेंट की सुविधा यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
