Debit Card Number: जमाना काफी तेजी से डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रहा है। नई-नई तकनीकों के आ जाने से जीवन काफी आसान बनता जा रहा है। पहले एक वक्त था जब बैंक से पैसे निकालने होते तो चेक का इस्तेमाल करना पड़ता था। पर अब ऐसा नहीं है। अब अधिकतर लोगों के पर्स में ATM या डेबिट कार्ड मौजूद होता है और डेबिट कार्ड की मदद से कुछ ही मिनटों में ATM मशीन से पैसे निकल आते हैं। आपने अक्सर अपने डेबिट कार्ड पर एक नंबर लिखा हुआ देखा होगा। यह नंबर आपका अकाउंट नंबर नहीं होता है। तो आइये जानते हैं कि आखिर ये नंबर है क्या और इसका मतलब क्या है।
कैसे बनता है डेबिट कार्ड पर लिखा नंबर, क्या होता है इसका मतलब
नंबर का महत्त्व
कई बार ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान डेबिट कार्ड से पेमेंट करने के लिए आपने कार्ड पर लिखे इस नंबर का इस्तेमाल जरूर किया होगा। ATM/डेबिट कार्ड पर छपा ये नंबर 16 अंकों का होता है और इसमें बेहद जरूरी जानकारी छुपी होती है। आपके बैंक अकाउंट के वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी आदि के लिए यह नंबर बेहद जरूरी होता है। शॉपिंग के दौरान भी जब आप ये नंबर दर्ज करते हैं तो बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और कार्ड जारी करने वाली कंपनी का नाम जैसी जरूरी जानकारी आपको दिखने लगती है।
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क्या होता है इस नंबर का मतलब?
16 अंकों वाले इस नंबर में मौजूद पहले 6 नंबर बैंक आइडेंटिफिकेशन नंबर होते हैं। इन नंबरों की बदौलत ही आपके बैंक का पता चलता है। कार्ड किस कंपनी द्वारा जारी किया गया है ये बात भी इन्हीं 6 नंबरों से पता चलती है। 7वें अंक से लेकर 15वें अंक तक मौजूद नंबरों का संबंध आपके अकाउंट से होता है लेकिन ये आपके अकाउंट के बारे में किसी प्रकार की कोई संवेदनशील जानकारी नहीं बताते हैं। आखिरी अंक को चेकसम डिजिट कहा जाता है। आपका कार्ड वैलिड है या नहीं, यह इस चेकसम डिजिट से ही पता चलता है।
