Oxford Dictionary: ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में नए शब्द के चयन के लिए वर्ड ऑफ द ईयर का रिंग तैयार हो चुका है। हर साल की तरह इस साल भी ‘वर्ड ऑफ द ईयर’ चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बार प्रतियोगिता में अंग्रेजी के तीन शब्द रिंग में उतरे हैं। इस बार प्रतियोगिता के रूल में बड़ा परिवर्तन हुआ है। अभी तक ऑक्सफोर्ड की कमेटी तय करती थी कि किस नए शब्द को इस विशालकाय शब्दकोष में शामिल किया जाएगा, लेकिन पहली बार आम जनता को यह अधिकार मिल रहा है कि वो ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में किस नए शब्द को ‘वर्ड ऑफ द ईयर’ की उपलब्धि देंगे।
ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी का वर्ड ऑफ द ईयर चुनने का अधिकार आपके पास ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
दरअसल, इस बार ऑक्सफोर्ड लेक्सियोग्राफर्स (डिक्शनरी एडीटर) की टीम द्वारा दुनियाभर के लोगों को ऑक्सफोर्ड वर्ड ऑफ द ईयर 2022 चुनने का अधिकार दिया गया है। ऑक्सफोर्ड की कमेटी ने कई सारे शब्दों की एक लंबी लिस्ट में से तीन शब्दों का चयन किया है। इसमें से एक शब्द को इस बार वर्ड ऑफ द ईयर में चुना जाएगा। ये शब्द हैं- मेटावर्स (Metaverse), आय स्टैंड विद (#IStandWith) और गॉब्लिन मोड (Goblin Mode)।
बता दें कि, हर साल ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी द्वारा किसी नए शब्द को जगह मिलती है। जिसे ‘वर्ड ऑफ द ईयर’ कहा जाता है। अभी तक ऑक्सफोर्ड की अपनी कमेटी हीयह तय करती है कि किस नए शब्द को इस शब्दकोष में जगह मिलनी चाहिए, लेकिन इस बार यह अधिकार जनता को दिया गया है। वोटिंग करने की प्रकिया पहले ही शुरू हो चुकी है, जो 2 दिसंबर तक जारी रहेगी। कोई भी व्यक्ति वर्ड ऑफ द ईयर चुनने के लिए ऑक्सफोर्ड लैंग्वेज की ऑफिशियल वेबसाइट languages.oup.com पर जाकर तीन शब्दों में से किसी एक को चुनने के लिए अपना वोट दे सकता है। अभी तक 2.8 लाख से ज्यादा लोग इस प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं।
जानें तीनाों शब्द का मतलब
Metaverse: इस शब्द का इस्तेमाल हाइब्रिड वर्किंग से लेकर वर्चुअल रिएलिटी तक व्यवहार्यता पर बहस करने के लिए जमकर इस्तेमाल किया जा रही है। इसका आसान मतलब है कि हम भविष्य के कॉन्सेप्ट को देखते हैं। एक साल में इस शब्द का इस्तेमाल चार गुना बढ़ा है।
IStandWith: इस शब्द का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यों के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए किया जा रहा है। इस शब्द के माध्यम से लोग एक दूसरे को समर्थन देते हैं।
Goblin mode: 'गोब्लिन मोड' भी एक नई अवधारणा है। इस शब्द का मतलब है कि, समाज की जिम्मेदारियों को नकारते हुए बदल रही दुनिया के साथ चलना। अब लोग अपने ऊपर थोपी गई सामाजिक अपेक्षाओं को खारिज कर अपने मन के हिसाब से करना चाहते हैं। बीते दो साल से इस शब्द का प्रचलन बहुत बढ़ा है।
