Top 5 Investment Schemes: अक्सर पति ये शिकायत करते हैं कि पत्नियां ज्यादा खर्च करती हैं, लेकिन अगर समझदारी से निवेश किया जाए तो वही पत्नियां परिवार की सबसे बड़ी बचतदार बन सकती हैं। सरकार और बैंकों की कई स्कीमें ऐसी हैं जिनमें पति-पत्नी मिलकर निवेश करें तो रिटर्न दोगुना तक हो सकता है। यहां हम आपको ऐसी ही 5 स्कीम के बारे में बता रहे हैं।
Top 5 Investment Schemes (Photo-Canva)
पोस्ट ऑफिस में डबल सेविंग का फायदा
पोस्ट ऑफिस की मासिक आय योजना (MIS) में सिंगल अकाउंट की सीमा 9 लाख रुपये है। वहीं, अगर पति-पत्नी जॉइंट अकाउंट खोलते हैं तो सीमा बढ़कर 15 लाख रुपये हो जाती है। मौजूदा 7.4% ब्याज दर पर यह निवेश हर महीने करीब 5,550 रुपये की अतिरिक्त आमदनी दिला सकता है।
होम लोन पर ब्याज दर में छूट
अगर आप होम लोन लेते समय पत्नी को सह-आवेदक (को-एप्लीकेंट) बनाते हैं तो बैंक ब्याज दर पर 0.05% की छूट देता है। लंबे समय में यह छूट लाखों रुपये की बचत करा सकती है, जिससे होम लोन का बोझ हल्का हो जाता है।
जॉइंट होम लोन पर टैक्स बेनिफिट
यदि पत्नी नौकरी करती हैं तो जॉइंट होम लोन लेने से दोनों अलग-अलग टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं। इससे टैक्स बचत दोगुनी हो जाती है और लोन चुकाने का बोझ भी बंट जाता है।
रिटायरमेंट फंड में डबल निवेश
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में अकेले निवेशक अधिकतम 30 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों इस स्कीम में निवेश करते हैं तो निवेश सीमा दोगुनी होकर 60 लाख रुपये तक हो जाती है, जिससे रिटायरमेंट फंड और भी मजबूत हो जाता है।
FD पर TDS से बचाव
अगर पत्नी कामकाजी नहीं हैं तो उनके नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट खोलने से टैक्स में राहत मिल सकती है। बैंक तब TDS काटता है जब ब्याज सालाना 40,000 रुपये से ऊपर हो जाए। लेकिन पत्नी के नाम पर FD खुलवाकर और 15G फॉर्म जमा कराकर TDS से बचा जा सकता है।
